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Shardiya Navratri Ki Katha: क्या है नवरात्रि मनाने की वजह? जानें 9 दिन की पूजा का रहस्य
Navratri Kyo Manate Hai: इस बार शारदीय नवरात्रि का पर्व 11 से 20 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। ये पर्व क्यों मनाते हैं इसके पीछे कईं कथाएं और मान्यताएं प्रचलित हैं। इसे धर्म के साथ-साथ विज्ञान से जोड़कर भी देखा जाता है।

जानें नवरात्रि से जुड़े 4 रोचक फैक्ट
Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि का पर्व हर साल आश्विन मास में मनाया जाता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि मनाने की शुरुआत कैसे हुई और इस पर्व में नौ दिनों तक ही देवी की आराधना क्यों की जाती है? इससे जुड़ी कई धार्मिक कथाएं प्रचलित हैं। आइए जानते हैं नवरात्रि से जुड़ी चार रोचक बातें…

क्यों मनाते हैं शारदीय नवरात्रि?
पौराणिक कथा के अनुसार, महिषासुर नाम का एक शक्तिशाली असुर था। उसने देवताओं को हराकर स्वर्ग पर अधिकार कर लिया था। इससे परेशान होकर सभी देवताओं ने आदिशक्ति की आराधना की। उनकी प्रार्थना से मां दुर्गा प्रकट हुईं। देवताओं ने देवी को अपने अस्त्र-शस्त्र दिए, जिसके बाद मां दुर्गा और महिषासुर के बीच भयंकर युद्ध हुआ। आखिरकार देवी ने महिषासुर का वध कर दिया और देवताओं को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई। मान्यता है कि बुराई पर शक्ति की विजय की याद में नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है।
नवरात्रि नौ दिनों की ही क्यों होती है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा और महिषासुर के बीच नौ दिनों तक युद्ध चला था। इस दौरान देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। मान्यता है कि दसवें दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था। इसी वजह से नवरात्रि के नौ दिनों के बाद दसवें दिन विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाता है।
भगवान श्रीराम ने भी की थी देवी की पूजा
नवरात्रि से जुड़ी एक अन्य प्रचलित कथा भगवान श्रीराम और रावण के युद्ध से संबंधित है। मान्यता है कि लंका पर चढ़ाई करने से पहले भगवान श्रीराम ने देवी दुर्गा की आराधना की थी। उन्होंने लगातार नौ दिनों तक देवी की पूजा करके विजय का आशीर्वाद मांगा। देवी की कृपा से श्रीराम को रावण पर विजय प्राप्त हुई। इसी मान्यता के चलते नवरात्रि को शक्ति की उपासना और बुराई पर अच्छाई की जीत से जोड़कर देखा जाता है।
ऋतु परिवर्तन से भी जुड़ा है नवरात्रि का पर्व
शारदीय नवरात्रि ऐसे समय में आती है, जब वर्षा ऋतु समाप्त होने लगती है और ठंड का मौसम धीरे-धीरे शुरू होता है। इस दौरान मौसम में बदलाव के कारण खानपान और दिनचर्या का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। नवरात्रि में उपवास, पूजा-पाठ और संयमित जीवनशैली अपनाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन दिनों देवी की आराधना करने से मन को शांति और सकारात्मकता मिलती है।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
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