साल 2020 के पहले माह यानी जनवरी में कई विशेष पर्व आ रहे हैं। इसी माह से माघ मास स्नान के शुरू जाएंगे। इन दिनों में पवित्र नदियों में स्नान करने की परपंरा है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विवाह के लिए गुरु ग्रह का अनुकूल होना अनिवार्य है। जिनकी कुंडली में गुरु अशुभ स्थान पर होता है, उन लोगों के विवाह में बहुत परेशानियां आती हैं।
ज्योतिष में 12 राशियां बताई गई हैं और इन राशियों के स्वामी ग्रह अलग-अलग हैं। मेष-वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल है। मिथुन-कन्या राशि का स्वामी बुध है। कर्क राशि का स्वामी चंद्र और सिंह राशि का स्वामी सूर्य है।
ज्योतिष शास्त्र में ऐसे अनेक पेड़-पौधों के बारे में भी बताया गया है, जिनके उपाय करने से कई समस्याओं का समाधान हो सकता है। ये पौधे ग्रहों से संबंधित दोष भी दूर कर सकते हैं।
वर्तमान समय में बच्चों के लिए अलग से स्टडी रूम बनाए जाते हैं। ताकि बच्चे वहां आराम से पढ़ाई कर सकें।
हिंदू धर्म में शनिदेव को लेकर कई भ्रांतियां प्रचलित हैं, जैसे शनि एक क्रूर ग्रह है, वह सिर्फ अशुभ फल ही प्रदान करता है और जिस पर शनि की नजर पड़ जाए उसके बुरे दिन शुरू हो जाते हैं।
जब कोई ग्रह लगातार अशुभ फल दे रहा हो तो कुछ आसान उपाय कर उसके कुप्रभाव को कम किया जा सकता है। ये उपाय पालतू जानवरों व पशु-पक्षियों से जुड़े भी हो सकते हैं।
जन्म कुंडली में कुछ ग्रह अशुभ स्थिति में भी होते हैं। इनका सीधा असर व्यक्ति के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।
हिंदू धर्म में मंदिर जाने की परंपरा सदियों पुरानी है। पुरातन समय में लोग अपने दिन की शुरूआत मंदिर जाने के बाद ही करते थे, लेकिन वर्तमान समय की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में सभी के लिए मंदिर जाना संभव नहीं हो पाता।
जाने-अनजाने में हम कई बार ऐसे पौधे अपने घर में रख लेते हैं जिनके कारण वास्तु दोष उत्पन्न हो जाता है, जिसका सीधा-सीधा असर हमारे जीवन पर पड़ता है।