हिंदू धर्म में मंदिर जाने की परंपरा सदियों पुरानी है। पुरातन समय में लोग अपने दिन की शुरूआत मंदिर जाने के बाद ही करते थे, लेकिन वर्तमान समय की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में सभी के लिए मंदिर जाना संभव नहीं हो पाता।

उज्जैन. ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, समय का अभाव होने के कारण कुछ लोग चाहकर भी मंदिर नहीं जा पाते। ऐसी स्थिति में सिर्फ मंदिर के शिखर दर्शन करने से भी पूजा का पूरा फल मिल सकता है। जानिए शिखर दर्शन से जुड़ी कुछ खास बातें...

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

- ग्रंथों में लिखा है- शिखर दर्शनम् पाप नाशम्। यानी किसी भी मंदिर के शिखर दर्शन करने से ही पापों का नाश हो जाता है।
- यदि आप रोज भगवान के दर्शन करने मंदिर नहीं जा पाते तो ऐसे में जहां भी किसी मंदिर का शिखर दिखाई दे, वहां से भगवान को याद करके शिखर दर्शन कर लेना चाहिए।
- दरअसल, हिंदू धर्म में मंदिर के शिखर दर्शन को भी भगवान के दर्शन के बराबर ही पुण्य देने वाला बताया गया है। मंदिर का शिखर भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना भगवान की प्रतिमा या मूर्ति।
- शिखर दर्शन करते समय 2 बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। पहली ये कि मन पूरी तरह से शांत हो और दूसरी ये कि मन में सिर्फ भगवान का ही नाम हो।
- इसलिए यदि आपके पास मंदिर जाने का वक्त नहीं है तो आप शिखर के दर्शन करके भी अपने ईष्ट को याद कर सकते हैं इससे मानसिक शांति के साथ ही उचित फल भी मिलता है।