Asianet News HindiAsianet News Hindi

महाभारत में बताई गई हैं पैसों से जुड़ी ये 4 बातें, जो सभी को ध्यान रखनी चाहिए

महात्मा विदुर महाभारत के प्रमुख पात्रों में से एक थे। विदुर धृतराष्ट्र के मंत्री भी थे और भाई भी। उन्होंने धृतराष्ट्र को युद्ध के परिणाम के बारे में पहले ही बता दिया था।

These 4 things related to money are told in Mahabharata, which everyone should take care of
Author
Ujjain, First Published Nov 18, 2019, 9:15 AM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

उज्जैन. महाभारत में धृतराष्ट्र और विदुर के संवाद बताए हैं। इन संवादों में विदुर की बातों को ही विदुर नीति कहा जाता है। अगर इन नीतियों को दैनिक जीवन में ध्यान रखा जाए तो हम कई समस्याओं से बच सकते हैं...

महाभारत में उद्योग पर्व के 35वें अध्याय के 44वें श्लोक में लिखा है कि-

श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भात् सम्प्रवर्धते।
दाक्ष्यात्तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठत्ति।।

इस नीति श्लोक में चार बातें धन से संबंधित बताई गई हैं। इस नीति की पहली बात ये है कि अच्छे काम से ही स्थाई लक्ष्मी आती है। महाभारत में दुर्योधन ने छल-कपट करके और गलत तरीके से पांडवों से उनकी धन-संपत्ति छीन ली थी, लेकिन ये संपत्ति उसके पास टिक ना सकी। दुर्योधन की गलतियों की वजह से उसके पूरे वंश का अंत हो गया। परिश्रम और ईमानदारी से कमाया गया धन स्थाई लाभ देता है।

दूसरी बात - धन का सही-सही प्रबंधन या निवेश करना चाहिए। दुर्योधन ने धन का प्रबंधन पांडवों को नष्ट करने के लिए किया और खुद ही नष्ट हो गया।
तीसरी बात - चतुराई से योजनाएं बनानी चाहिए कि धन को कहां-कहां खर्च करना चाहिए। महाभारत में पांडव दुर्योधन से सबकुछ हार गए थे, इसके बाद उन्होंने अभाव का जीवन व्यतीत किया और चतुराई से योजना बनाते हुए विशाल सेना तैयार कर ली और महाभारत युद्ध में विजयी हुए।
चौथी बात - हमेशा धैर्य बनाए रखें, धन आने पर बुरी आदतों से बचना चाहिए। युधिष्ठिर अपनी गलत आदत द्युत क्रीड़ा (जुआं) में ही दुर्योधन और शकुनि से सब कुछ हार गए थे।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios