Yogini Ekadashi Story Hindi Mai: आषाढ़ मास की योगिनी एकादशी का महत्व अनेक धर्म ग्रंथों में बताया गया है। इसकी कथा भी बहुत रोचक है, जिसे सुनकर इस व्रत का पूरा फल मिलता है।

Yogini Ekadashi Vrat Katha In Hindi: इस बार 10 जुलाई, शुक्रवार को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी का व्रत किया जाएगा। धर्म ग्रंथों में इस एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से व्यक्ति के पापों का नाश हो जाता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। योगिनी एकादशी से जुड़ी एक रोचक कथा भी है जिसे सुने बिना इस व्रत का पूरा फल नहीं मिलता। आगे पढ़ें योगिनी एकादशी की ये कथा…

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योगिनी एकादशी व्रत की कथा

प्रचलित कथा के अनुसार, अलकापुरी नाम की नगरी में धन के देवता राजा कुबेर का शासन था। वे भगवान शिव के परम भक्त थे। उनके पास हेममाली नाम का एक यक्ष सेवक था, जिसका काम हर दिन मानसरोवर से सुंदर फूल लाकर शिव पूजा के लिए देना था।

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हेममाली की पत्नी विशालाक्षी बहुत सुंदर थी। एक दिन वह फूल तो ले आया, लेकिन पत्नी के प्रेम में इतना खो गया कि समय का ध्यान ही नहीं रहा। इसी कारण वह समय पर भगवान शिव की पूजा के लिए फूल नहीं पहुंचा सका। जब दोपहर तक फूल नहीं पहुंचे तो राजा कुबेर को बहुत क्रोध आया। उन्होंने हेममाली को बुलाकर कहा कि उसने भगवान शिव की पूजा में बाधा डालकर बड़ा अपराध किया है। क्रोधित होकर कुबेर ने उसे शाप दिया कि वह अपनी पत्नी से बिछड़ जाएगा, पृथ्वी पर जाकर कोढ़ी बनेगा और अनेक कष्ट सहेगा।
शाप मिलते ही हेममाली स्वर्ग से पृथ्वी पर गिर पड़ा और कोढ़ से पीड़ित हो गया। पत्नी का साथ भी छूट गया। दुखी होकर वह भटकता-भटकता हिमालय पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात महर्षि मार्कण्डेय से हुई। हेममाली ने उन्हें अपनी पूरी कहानी सुनाई और इस दुख से मुक्ति का उपाय पूछा।
महर्षि ने कहा कि यदि वह आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी का श्रद्धापूर्वक व्रत करेगा, तो उसके सभी पाप नष्ट हो जाएंगे। हेममाली ने ऋषि के बताए अनुसार योगिनी एकादशी का व्रत किया। व्रत के प्रभाव से उसका कोढ़ समाप्त हो गया, उसे अपना सुंदर शरीर वापस मिल गया और वह अपनी पत्नी से भी मिल गया। मान्यता है कि योगिनी एकादशी का व्रत करने से पापों का नाश होता है, दुख दूर होते हैं और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

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इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।