अर्जुन तेंदुलकर ने सचिन की जगह युवराज सिंह को अपना बैटिंग आइडल बताया। अब लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेलने वाले अर्जुन, अधिक मौके पाने के लिए मुंबई से गोवा क्रिकेट में चले गए। उनके अनुसार, विकास के लिए लगातार मैच खेलना जरूरी है।

अर्जुन तेंदुलकर ने अपने बैटिंग आइडल का खुलासा किया है और वो नाम सचिन तेंदुलकर नहीं, बल्कि युवराज सिंह का है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्व भारतीय स्टार युवराज का क्रीज पर खेलने का अंदाज बहुत पसंद था। लखनऊ सुपर जायंट्स के इस ऑल-राउंडर ने यह बात शुभंकर मिश्रा के साथ एक पॉडकास्ट में कही, जहां उन्होंने अपने करियर और भविष्य के प्लान्स पर चर्चा की।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

अर्जुन को मुंबई इंडियंस से शार्दुल ठाकुर के बदले लखनऊ की टीम में ट्रेड किया गया है। उम्मीद है कि IPL 2026 के पहले मैच में जब लखनऊ का सामना दिल्ली कैपिटल्स से होगा, तो अर्जुन प्लेइंग XI में शामिल हो सकते हैं। महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे होने के बावजूद, अर्जुन ने माना कि लीग में उनका कोई भी सीजन अब तक 'ब्रेकथ्रू' यानी धमाकेदार नहीं रहा है।

जब उनसे उनके पिता के अलावा प्रेरणा के बारे में पूछा गया, तो अर्जुन ने जवाब दिया, “युवराज सिंह।” इस पर जब सवाल हुआ कि क्या वो युवराज की गेंदबाजी के भी फैन हैं, तो उन्होंने साफ किया, “वो एक स्पिनर थे, मैं एक पेसर हूं।”

ज्यादा मौकों के लिए गोवा जाने का फैसला

अर्जुन ने बताया कि मुंबई क्रिकेट छोड़ने का उनका फैसला लगातार खेलने का मौका पाने की जरूरत की वजह से था। उन्होंने माना कि मुंबई की टीम में कॉम्पिटिशन बहुत तगड़ा है और गोवा जाने से उन्हें नियमित रूप से खेलने के बेहतर मौके मिले। उन्होंने कहा, “हर खिलाड़ी ज्यादा मौके चाहता है। कोई भी बेंच पर नहीं बैठना चाहता।”

उन्होंने आगे कहा कि किसी भी खिलाड़ी के विकास के लिए लगातार मैच खेलना बहुत जरूरी है। उनका यह कदम ज्यादा जिम्मेदारी लेने और अपने ऑल-राउंड स्किल्स को और निखारने के लिए था।

IPL में अर्जुन को मुंबई इंडियंस के साथ ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन उन्हें सीनियर क्रिकेटरों और कोचों के साथ काम करने का कीमती अनुभव मिला। मिश्रा ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें लगता है कि अपने छोटे स्पेल में अच्छी गेंदबाजी करने के बाद उन्हें और मौके मिलने चाहिए थे। इस पर अर्जुन ने जवाब दिया, “एक खिलाड़ी का काम सिर्फ कड़ी मेहनत करना और मौका मिलने पर उसे भुनाना है।”