ढाका में खेले गए टेस्ट मैच में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 104 रनों से हराकर इतिहास रच दिया है। यह बांग्लादेश की अपनी धरती पर पाकिस्तान के खिलाफ पहली टेस्ट जीत है। इस जीत के साथ ही बांग्लादेश ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।
ढाका: पाकिस्तानी क्रिकेट के लिए एक और शर्मनाक दिन। बांग्लादेश ने इतिहास रचते हुए पहली बार अपनी धरती पर किसी टेस्ट मैच में पाकिस्तान को हराया है। ढाका के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 104 रनों से करारी शिकस्त दी। मैच के आखिरी दिन 268 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम 163 रनों पर ढेर हो गई। यह बांग्लादेश में पाकिस्तान की पहली टेस्ट हार है। इस जीत के साथ ही मेजबान टीम ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। यह पाकिस्तान के खिलाफ बांग्लादेश की लगातार तीसरी टेस्ट जीत है। इससे पहले 2024 में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को उसी के घर में 2-0 से हराया था।

मैच की बात करें तो बांग्लादेश ने अपनी पहली पारी में 413 रन बनाए थे, जिसके जवाब में पाकिस्तान 386 रन ही बना सका और 27 रनों से पिछड़ गया। बांग्लादेश ने दूसरी पारी 9 विकेट पर 240 रन बनाकर घोषित कर दी और पाकिस्तान के सामने 268 रनों का लक्ष्य रखा। आखिरी सेशन में पाकिस्तान को जीत के लिए 152 रनों की जरूरत थी और उसके 7 विकेट बाकी थे। एक समय अब्दुल्ला फजल (66) और मोहम्मद रिजवान (15) की जोड़ी ने मैच को ड्रॉ की ओर ले जाने की उम्मीद जगाई थी, लेकिन युवा तेज गेंदबाज नाहिद राणा ने पहले रिजवान और फिर सऊद शकील (15) को आउट कर पाकिस्तान की हार तय कर दी। पाकिस्तान के लिए सलमान आगा ने 26 और ओपनर असान अवैस ने 15 रन बनाए। तस्कीन अहमद ने शुरुआत में ही इमाम-उल-हक (2) को आउट कर बांग्लादेश को शानदार शुरुआत दिलाई थी।
बारिश से प्रभावित इस मैच में पांचवें दिन बांग्लादेश का साहसिक पारी घोषित करने का फैसला ही जीत की बुनियाद बना। तीसरे और चौथे दिन बारिश के कारण मैच ड्रॉ की ओर बढ़ता दिख रहा था, लेकिन आखिरी दिन कप्तान नजमुल हुसैन शांतो (87) ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर पाकिस्तानी गेंदबाजों को दबाव में ला दिया। बांग्लादेश ने दूसरी पारी 240/9 पर घोषित कर पाकिस्तान को 268 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य दिया। बांग्लादेश के लिए नाहिद राणा ने 40 रन देकर 5 विकेट झटके, जबकि तस्कीन अहमद और तैजुल इस्लाम को दो-दो विकेट मिले। इस ऐतिहासिक जीत से बांग्लादेश को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में 12 अंक मिले हैं।
