पहलगाम आतंकी हमले के बाद पूर्व क्रिकेटर श्रीवत्स गोस्वामी ने भारत-पाक क्रिकेट पर हमेशा के लिए रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने खेल को राजनीति से अलग रखने की बात को खारिज करते हुए कड़ा रुख अपनाया है।

Pahalgam Terrorist Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 28 लोगों की मौत हो गई। इस घटना से पूरे भारत में आक्रोश है। खेल जगत के लोग भी अपना गुस्सा प्रकट कर रहे हैं। इस बीच भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज श्रीवत्स गोस्वामी ने बीसीसीआई (BCCI) से आग्रह किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट हमेशा के लिए बंद कर दिया जाए।

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श्रीवत्स गोस्वामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर उन लोगों को फटकार लगाई जो कहते हैं कि खेलों को राजनीति से ऊपर उठना चाहिए। भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के लिए पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया था। तब इस तरह की बातें कही गईं थीं। गोस्वामी ने कहा कि पाकिस्तान निर्दोष नागरिकों की हत्या कर रहा है। यह समय दृढ़ संकल्प और सम्मान के साथ जवाबी कार्रवाई करने का है।

उन्होंने लिखा, "यही कारण है कि मैं कहता हूं कि आप पाकिस्तान के साथ क्रिकेट न खेलें। अभी नहीं। कभी नहीं। जब BCCI या सरकार ने भारतीय टीम को चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान भेजने से इनकार किया था तब कुछ लोगों ने कहा कि खेल को राजनीति से ऊपर उठना चाहिए। सच में? क्योंकि जहां तक मेरा मानना ​​है, निर्दोष नागरिकों की हत्या करना उनका (पाकिस्तान) राष्ट्रीय खेल लगता है। अगर वे इसी तरह खेलते हैं तो समय आ गया है कि हम उस भाषा में जवाब दें जो वे वास्तव में समझते हैं। बल्ले और गेंद से नहीं। लेकिन दृढ़ संकल्प के साथ। गरिमा के साथ। जीरो टॉलरेंस के साथ।"

लीजेंड्स लीग के लिए कश्मीर में थे श्रीवत्स गोस्वामी

श्रीवत्स गोस्वामी ने उस समय को याद किया जब वह लीजेंड्स लीग के लिए कश्मीर में थे। उन्होंने कहा कि जब वह पहलगाम गए तो उन्हें लगा कि शांति आखिरकार लौट आई है। हालांकि, खून-खराबा फिर से शुरू हो गया था।

उन्होंने लिखा, "मैं गुस्से में हूं। कुछ महीने पहले, मैं लीजेंड्स लीग के लिए कश्मीर में था। मैं पहलगाम से गुजरा, स्थानीय लोगों से मिला, उनकी आंखों में उम्मीद लौटती देखी। ऐसा लगा जैसे शांति आखिरकार वापस आ गई है। अब, फिर से यह खून-खराबा। यह आपके अंदर कुछ तोड़ देता है। यह आपको सवाल करने पर मजबूर करता है कि हमसे और कितनी बार उम्मीद की जाएगी कि हम चुप रहें, "खेलते रहें", जबकि हमारे लोग मर रहे हैं। अब और नहीं। इस बार नहीं।"