PCB और PSL फ्रेंचाइजी में पैसों पर तनातनी है। PCB ने बकाया के लिए कानूनी नोटिस भेजे हैं, जबकि फ्रेंचाइजी भी बोर्ड पर करोड़ों के बकाए का दावा कर रही हैं। एक ब्रॉडकास्टर द्वारा 450 करोड़ रुपये रोके जाने से संकट और गहरा गया है।

लाहौर: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) की फ्रेंचाइजी के बीच पैसों को लेकर तनातनी काफी बढ़ गई है। PCB ने फ्रेंचाइजी, ब्रॉडकास्ट पार्टनर्स और दूसरे कमर्शियल सहयोगियों से करोड़ों रुपये का बकाया वसूलने के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। बोर्ड ने कई स्टेकहोल्डर्स को कानूनी नोटिस भेजकर चेतावनी दी है कि वे जल्द से जल्द बकाया चुका दें।

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बोर्ड ने साफ कहा है कि अगर पैसा नहीं चुकाया गया तो कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोटिस मिलने के बाद कुछ PSL फ्रेंचाइजी ने अपनी सालाना फीस चुका दी है। हालांकि, फ्रेंचाइजी का भी अपना पक्ष है। उनका कहना है कि भले ही उन्हें बोर्ड को पैसा देना है, लेकिन PCB पर भी उनका करोड़ों रुपये का बकाया है। फ्रेंचाइजी का आरोप है कि बोर्ड सेंट्रल पूल से मिलने वाले रेवेन्यू का हिस्सा समय पर नहीं दे रहा है। एक फ्रेंचाइजी की रिपोर्ट के अनुसार, PSL से करीब 96 करोड़ रुपये अभी भी मिलने बाकी हैं। इसके अलावा, 2025 के फाइनेंशियल ईयर के हिस्से के तौर पर बोर्ड को हर फ्रेंचाइजी को 40 से 45 करोड़ रुपये देने हैं।

ब्रॉडकास्टिंग में भी बड़ा संकट

PCB के लिए सबसे बड़ी चुनौती ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर से आ रही है। PSL और अंतरराष्ट्रीय मैचों के प्रसारण अधिकार रखने वाली एक बड़ी मीडिया कंपनी ने करीब 450 करोड़ रुपये का पेमेंट रोक दिया है। कंपनी ने इसके पीछे वित्तीय घाटे का हवाला दिया है। इस वजह से बोर्ड के फाइनेंशियल ऑडिट और रोजमर्रा के कामकाज पर बुरा असर पड़ रहा है।

उलझे हुए हैं कॉन्ट्रैक्ट

मामला तब और उलझ गया जब PSL 11 के प्रसारण अधिकार रावलपिंडी फ्रेंचाइजी के मालिक की एक नई कंपनी ने खरीदे। लेकिन इस कंपनी ने अधिकार फिर से उसी पुरानी डिफॉल्टर कंपनी को बेच दिए, जिससे पैसों का लेन-देन और भी जटिल हो गया है। हालांकि, इस बीच मुल्तान सुल्तान्स जैसी कुछ फ्रेंचाइजी ने अपनी सारी देनदारियां चुका दी हैं, जो बोर्ड के लिए थोड़ी राहत की बात है। लेकिन आने वाले सीजनों में इन फ्रेंचाइजी को मिनिमम गारंटी की रकम देना PCB के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।