ICC ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप की 'टीम ऑफ द टूर्नामेंट' घोषित कर दी है। इसमें चार भारतीय खिलाड़ियों को जगह मिली है। हालांकि, टीम को चैंपियन बनाने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव को न तो टीम में शामिल किया गया और न ही कप्तानी सौंपी गई। टीम की कप्तानी साउथ एडेन मार्करम को दी गई है।
ICC Team of The Tournament: भारतीय क्रिकेट टीम ने एक नहीं, दो नहीं, बल्कि पूरे तीन टी20 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया है। टीम इंडिया को लगातार दो बार T20 वर्ल्ड कप जिताने का गौरव हासिल है। पिछले रविवार (8 मार्च) को अहमदाबाद में हुए फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनों के बड़े अंतर से हराया था। अब ICC ने इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले बेस्ट खिलाड़ियों को मिलाकर 'टीम ऑफ द टूर्नामेंट' की घोषणा की है। इसमें चार भारतीय खिलाड़ियों को जगह मिली है। लेकिन भारत को T20 वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान सूर्यकुमार को न तो कप्तानी मिली और न ही एक खिलाड़ी के तौर पर टीम में जगह दी गई। ICC की वेबसाइट के मुताबिक, क्रिकेट के दिग्गज इयान बिशप, इयान मॉर्गन, नटाली जर्मनोस के साथ ICC प्रतिनिधि गौरव सक्सेना और पत्रकार रेक्स क्लेमेंटाइन वाली सिलेक्शन कमेटी ने इन बेहतरीन खिलाड़ियों को चुना है।
ICC टीम ऑफ द टूर्नामेंट में शामिल खिलाड़ी
1. साहिबजादा फरहान: 7 मैच, 383 रन, 76.60 का औसत, 160.25 का स्ट्राइक रेट।
इस टूर्नामेंट में भले ही पाकिस्तान का प्रदर्शन खराब रहा हो, लेकिन ओपनर साहिबजादा फरहान ने अपने शानदार खेल से सबका दिल जीत लिया। पाकिस्तान सुपर-8 स्टेज में ही बाहर हो गया था, फिर भी उन्होंने सात मैचों में 383 रन बनाए। यह किसी एक T20 वर्ल्ड कप एडिशन में किसी बल्लेबाज द्वारा बनाए गए सबसे ज्यादा रन हैं। इतना ही नहीं, 29 साल के इस ओपनर ने एक ही T20 वर्ल्ड कप में दो शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बनकर रिकॉर्ड भी बनाया।
2. संजू सैमसन: सिर्फ 5 मैच, 321 रन, 80.25 का औसत, 199.37 का स्ट्राइक रेट।
2026 के वर्ल्ड कप में भारत को शानदार फिनिशिंग दिलाने में संजू सैमसन ने अहम भूमिका निभाई। इसी वजह से उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' भी चुना गया। अब उन्हें टीम ऑफ द टूर्नामेंट में भी जगह मिली है। ICC के इस मेगा टूर्नामेंट की शुरुआत में स्टार्स से भरी भारतीय टीम में संजू को जगह नहीं मिली थी। लेकिन आखिरी मौके पर टीम में आकर उन्होंने तहलका मचा दिया। सुपर-8 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 'करो या मरो' वाले मैच में उन्होंने नाबाद 97 रन बनाए। इसके बाद सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 89 रन और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ फिर से 89 रन बनाए। इस तरह वह फाइनल और सेमीफाइनल दोनों में अर्धशतक बनाने वाले तीसरे और T20 वर्ल्ड कप में लगातार तीन 80+ स्कोर बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी बने।
3. ईशान किशन: 9 मैच, 317 रन, 35.22 का औसत, 193.29 का स्ट्राइक रेट।
ईशान किशन ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से ओपनर और मिडिल ऑर्डर दोनों में प्रभावित किया। इस वर्ल्ड कप में उन्होंने तीन अर्धशतक लगाए। जिम्बाब्वे के खिलाफ 38 और इंग्लैंड के खिलाफ 39 रन तेजी से बनाकर टीम की मदद की। उनका बेस्ट प्रदर्शन चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ आया। उस मैच में भारत का पहला विकेट जल्दी गिरने के बाद किशन क्रीज पर आए और 40 गेंदों में 10 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 77 रन बनाकर भारतीय पारी को संभाला। पिछले दो साल से टीम से बाहर चल रहे किशन ने फाइनल में 54 रन बनाकर और दो अहम कैच लेकर अपनी वापसी को यादगार बना दिया।
4. एडेन मार्करम: 8 मैच, 286 रन, 47.66 का औसत, 165.31 का स्ट्राइक रेट।
एडेन मार्करम ने साउथ अफ्रीका की टीम की शानदार कप्तानी की। उनकी लीडरशिप में साउथ अफ्रीका ने टूर्नामेंट के पहले सात मैच जीते। जिम्मेदारी लेने में हमेशा आगे रहने वाले मार्करम ने ओपनिंग करते हुए तीन अर्धशतक जड़े। खासकर अहमदाबाद में उनका बल्ला खूब चला। न्यूजीलैंड के खिलाफ अहम ग्रुप मैच में 86 नॉटआउट और सुपर-8 में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 82 रन बनाए। भारत के खिलाफ मैच में उन्होंने गेंदबाजी में भी कमाल दिखाया और पहले ही ओवर में ईशान किशन का विकेट लेकर अपनी टीम को ब्रेकथ्रू दिलाया। अपनी कप्तानी से प्रभावित करने वाले मार्करम को अब टीम ऑफ द टूर्नामेंट का भी कप्तान चुना गया है।
5. हार्दिक पंड्या: 9 मैच, 217 रन, 160.74 का स्ट्राइक रेट, 9 विकेट।
पिछले कुछ सालों से हार्दिक पंड्या अपने बल्ले या गेंद से मैच का रुख बदलने की क्षमता के कारण भारत की जीत में अहम भूमिका निभा रहे हैं। T20 वर्ल्ड कप में भी उन्होंने यही फॉर्म जारी रखा और 217 रन बनाने के साथ-साथ 9 विकेट भी लिए। पंड्या ने दो अर्धशतक लगाए, जिसमें जिम्बाब्वे के खिलाफ 23 गेंदों में 50 रन की तूफानी पारी भी शामिल है। उस मैच में भारत ने 256/4 का स्कोर बनाया था, जो 2026 T20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा टीम टोटल है। गेंदबाजी में पाकिस्तान के खिलाफ तीन ओवर में 16 रन देकर 2 विकेट लेना उनका बेस्ट प्रदर्शन था।
6. विल जैक्स: 8 मैच, 226 रन, 176.56 का स्ट्राइक रेट, 9 विकेट।
यह टूर्नामेंट विल जैक्स के लिए एक ब्रेकथ्रू साबित हुआ। वह T20 वर्ल्ड कप के बेस्ट ऑलराउंडर्स में से एक बनकर उभरे। बैटिंग ऑर्डर में नीचे आकर उन्होंने फिनिशर की भूमिका बखूबी निभाई। इटली के खिलाफ नाबाद 53 रन बनाना उनका बेस्ट प्रदर्शन था। एक ऑफ स्पिनर के तौर पर उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ सुपर-8 मैच में तीन विकेट लेकर टीम को 51 रनों से जीत दिलाई। जैक्स ने इस टूर्नामेंट में चार 'मैन ऑफ द मैच' अवॉर्ड जीते।
7. जेसन होल्डर: 7 मैच, 10 विकेट, 141 रन।
वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज और पावरफुल लोअर-ऑर्डर बल्लेबाज जेसन होल्डर इस टूर्नामेंट के स्टार्स में से एक रहे। भारत के खिलाफ सुपर-8 मैच में उनका ऑलराउंड टैलेंट देखने को मिला। उस मैच में उन्होंने 2/38 के आंकड़े के साथ 22 गेंदों पर 37 रन बनाकर नाबाद रहे। वानखेड़े स्टेडियम में नेपाल के खिलाफ 4/27 के प्रदर्शन से उन्होंने तहलका मचा दिया था। उन्होंने एशियाई टीम के खिलाफ टॉप पांच में से तीन को आउट कर अपनी टीम को नौ विकेट से बड़ी जीत दिलाई।
8. लुंगी एनगिडी: 7 मैच, 12 विकेट, 15.58 का औसत, 7.19 की इकॉनमी।
टूर्नामेंट के बेस्ट तेज गेंदबाजों में से एक, लुंगी एनगिडी ने कनाडा के खिलाफ 4/31 विकेट लेकर टूर्नामेंट की शुरुआत की। भारत के खिलाफ मैच में भले ही उन्हें विकेट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने अपने चार ओवरों में सिर्फ 15 रन देकर भारतीय बल्लेबाजी पर लगाम लगाई। बैटिंग के लिए अच्छी पिचों पर भी उन्होंने अपने अनुभव, वैरिएशन और धीमी गेंदों का बखूबी इस्तेमाल किया।
9. आदिल रशीद: 8 मैच, 13 विकेट, 19.23 का औसत, 8.15 की इकॉनमी।
इस 'टीम ऑफ द टूर्नामेंट' में शामिल एकमात्र स्पेशलिस्ट स्पिनर आदिल रशीद हैं। उन्होंने खासकर श्रीलंका के हालातों का बखूबी फायदा उठाया और इंग्लैंड को पहले सात में से छह मैच जिताने में मदद की। स्कॉटलैंड के खिलाफ 3/36 उनका बेस्ट प्रदर्शन था। सुपर-8 में श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। भारत के खिलाफ उन्होंने ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के विकेट लेकर कमाल किया था।
10. ब्लेसिंग मुजरबानी: 6 मैच, 13 विकेट, 14.46 का औसत, 7.88 की इकॉनमी।
इस टूर्नामेंट में जिम्बाब्वे के ड्रीम रन में ब्लेसिंग मुजरबानी ने अहम भूमिका निभाई। 2024 के एडिशन से बाहर रहने के बाद, जिम्बाब्वे ने इस बार सुपर-8 में मुकाबला किया और T20 वर्ल्ड कप में अपना बेस्ट प्रदर्शन दिया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 23 रनों से जीतकर जिम्बाब्वे ने अपनी ताकत साबित की। उस मैच में मुजरबानी ने 4/17 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को 146 रनों पर ऑलआउट करने में मुख्य भूमिका निभाई।
11. जसप्रीत बुमराह: 8 मैच, 14 विकेट, 12.4 का औसत, 6.2 की इकॉनमी।
भारत के नंबर 1 तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने इस T20 वर्ल्ड कप में एक बार फिर साबित कर दिया कि वह कितने खतरनाक बॉलर हैं। फाइनल में बुमराह ने सिर्फ 15 रन देकर 4 विकेट झटके और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। इतना ही नहीं, उन्हें फाइनल मैच में 'मैन ऑफ द मैच' का अवॉर्ड भी मिला।
12. शैडली वैन शॉकविक: 4 मैच, 13 विकेट, 7.76 का औसत, 6.80 की इकॉनमी।
यूएसए के पेसर शैडली ग्रुप स्टेज में बेस्ट बॉलर बनकर उभरे। भले ही यूएसए 2024 के प्रदर्शन को दोहरा नहीं सका और सुपर-8 के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाया, लेकिन शैडली ने शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने भारत के खिलाफ चार विकेट लेकर टूर्नामेंट की शुरुआत की। बाद में पाकिस्तान के खिलाफ भी यही प्रदर्शन दोहराया और 4/25 के आंकड़ों के साथ चमके।


