T20 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका से हार के बाद भारत की सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो गई है। अब सिर्फ बाकी 2 मैच जीतना ही काफी नहीं, बल्कि खराब नेट रन रेट सुधारने के लिए बड़ी जीत भी जरूरी है। टीम की किस्मत अब दूसरे मैचों के नतीजों पर भी निर्भर है।

चेन्नई: टी20 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका से मिली हार ने टीम इंडिया के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। अब हालत यह है कि भारत अगर अपने बाकी बचे दोनों मैच जीत भी जाए, तो भी सेमीफाइनल की सीट पक्की नहीं है। आइए समझते हैं कि टीम इंडिया के लिए आगे का रास्ता कैसा है। वर्ल्ड कप जीतने की सबसे बड़ी दावेदार मानी जा रही मौजूदा चैंपियन टीम इंडिया को एक हार ने मुश्किल में डाल दिया है। अब सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को सिर्फ जिम्बाब्वे और वेस्ट इंडीज को हराना ही नहीं होगा, बल्कि ग्रुप के दूसरे मैचों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा।

भारत को चाहिए बड़ी जीत, नेट रन रेट बना सबसे बड़ा विलेन

जिम्बाब्वे को बुरी तरह हराने वाली वेस्ट इंडीज की टीम ग्रुप में पहले नंबर पर है। 107 रनों की बड़ी जीत के साथ विंडीज का रन रेट +5.350 है। भारत को हराने वाली साउथ अफ्रीका दूसरे नंबर पर है, जिसका रन रेट +3.800 है। वहीं, ग्रुप में तीसरे नंबर पर मौजूद भारत का रन रेट माइनस 3.800 है। यही खराब रन रेट भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इसे सुधारने के लिए भारत को अपने दोनों मैचों में बड़ी जीत दर्ज करनी होगी। अपना नेट रन रेट प्लस में लाने के लिए, अगर भारत जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले बैटिंग करता है, तो उसे कम से कम 77 रनों से जीतना होगा।

सेमीफाइनल की राह मुश्किल! जिम्बाब्वे और वेस्ट इंडीज पर टिकी उम्मीद

इसके लिए सिर्फ बड़ा स्कोर बनाना ही काफी नहीं होगा, बल्कि ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराने वाली जिम्बाब्वे को कम स्कोर पर भी रोकना होगा। हालांकि, फैंस के लिए राहत की बात यह है कि टी20 इतिहास में भारत 18 बार 77 रन से ज्यादा के अंतर से जीत चुका है। वहीं, अगर भारत लक्ष्य का पीछा करता है, तो चुनौती और भी मुश्किल हो जाएगी। अगर जिम्बाब्वे 150 रन बनाती है, तो भारत को यह लक्ष्य 13वें ओवर तक हासिल करना होगा। और अगर स्कोर 180 रन होता है, तो भारत को 14वें ओवर की आखिरी गेंद तक मैच जीतना होगा।

अगर भारत और साउथ अफ्रीका अपने बाकी बचे सभी मैच जीत जाते हैं, तो साउथ अफ्रीका ग्रुप में पहले और भारत दूसरे नंबर पर रहकर सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा। लेकिन अगर साउथ अफ्रीका एक मैच हार जाती है और भारत अपने दोनों मैच जीत लेता है, तो मामला पेंचीदा हो जाएगा। साउथ अफ्रीका और वेस्ट इंडीज के बीच होने वाला मैच भारत के लिए बेहद अहम है। अगर विंडीज ने साउथ अफ्रीका को हरा दिया, तो भारत की राह और भी कठिन हो जाएगी। तब तीन टीमों के चार-चार पॉइंट हो जाएंगे और नेट रन रेट ही तय करेगा कि कौन सी टीम सेमीफाइनल में जाएगी।

अगर जिम्बाब्वे और वेस्ट इंडीज दोनों ही साउथ अफ्रीका को हरा देते हैं और भारत अपने दोनों मैच जीत जाता है, तो सूर्यकुमार यादव और उनकी टीम राहत की सांस ले सकती है। अगर भारत सिर्फ एक ही मैच जीतता है, तो सेमीफाइनल की उम्मीदें लगभग खत्म हो जाएंगी। अंतिम चार में पहुंचने के लिए, साउथ अफ्रीका को तीन मैच जीतने होंगे और भारत को वेस्ट इंडीज को हराना होगा।

इस स्थिति में तीन टीमों के दो-दो पॉइंट हो जाएंगे, और तब भी दूसरी टीम का फैसला नेट रन रेट के आधार पर ही होगा। उम्मीद है कि सूर्यकुमार यादव और उनकी टीम को इन कैलकुलेटर की उलझनों में नहीं पड़ना पड़ेगा और वे अपने दम पर शानदार जीत हासिल करेंगे।