Jordan Cox catch controversy: IPL 2026 फाइनल में जॉर्डन कॉक्स के कैच को लेकर विवाद क्यों हुआ और थर्ड अंपायर ने फैसला क्यों पलटा? वॉशिंगटन सुंदर को जीवनदान मिलने के बाद रजत पाटीदार ने अंपायर से क्या कहा और RCB की नाराजगी की वजह क्या थी? 30 अप्रैल के RCB बनाम गुजरात मैच के पुराने विवाद और फाइनल के इस फैसले में क्या समानता थी?

आईपीएल 2026 के फाइनल मुकाबले में जहां एक तरफ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस के बीच ट्रॉफी की जंग चल रही थी, वहीं दूसरी तरफ एक विवादित कैच ने मैच का पूरा माहौल गर्म कर दिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जा रहे इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में वॉशिंगटन सुंदर का कैच और उस पर थर्ड अंपायर का फैसला चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया।

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फैसले से नाराज RCB कप्तान रजत पाटीदार मैदान पर ही अंपायर से बहस करते नजर आए। कुछ ही मिनटों में यह घटना सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड करने लगी।

क्या था पूरा मामला?

गुजरात टाइटंस की पारी का 10वां ओवर चल रहा था। तेज गेंदबाज जैकब डफी की आखिरी गेंद पर वॉशिंगटन सुंदर ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद हवा में चली गई।

डीप फाइन लेग पर तैनात सब्स्टिट्यूट फील्डर जॉर्डन कॉक्स तेजी से दौड़े और आगे की ओर डाइव लगाकर शानदार कैच लेने का दावा किया। मैदान पर मौजूद अंपायर ने शुरुआत में आउट का संकेत दिया, जिसके बाद सुंदर पवेलियन लौटने लगे। हालांकि, कैच की वैधता को लेकर संदेह होने पर ऑन-फील्ड अंपायर नितिन मेनन ने मामला थर्ड अंपायर के पास भेज दिया।

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थर्ड अंपायर ने क्यों बदला फैसला?

रिप्ले में देखा गया कि कैच पूरा करते समय जॉर्डन कॉक्स के हाथ के नीचे गेंद हल्के तौर पर घास को छूती हुई दिखाई दे रही थी। कई एंगल से फुटेज देखने के बाद थर्ड अंपायर ने फैसला पलट दिया और वॉशिंगटन सुंदर को नॉट आउट करार दिया।

उस समय सुंदर सिर्फ 4 रन बनाकर खेल रहे थे और गुजरात पहले ही शुरुआती तीन विकेट गंवा चुकी थी। ऐसे में यह फैसला मैच के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना गया।

रजत पाटीदार ने जताई नाराजगी

फैसला पलटते ही RCB खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया देखने लायक थी। कप्तान रजत पाटीदार सीधे अंपायर नितिन मेनन के पास पहुंचे और फैसले को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। टीवी प्रसारण में भी पाटीदार को अंपायर से बातचीत करते हुए देखा गया। RCB खिलाड़ियों का मानना था कि जॉर्डन कॉक्स ने गेंद पर पूरा नियंत्रण बना लिया था और कैच वैध था।

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पुराना विवाद भी आया याद

RCB की नाराजगी की एक बड़ी वजह कुछ महीने पुरानी घटना भी रही। 30 अप्रैल को इसी मैदान पर गुजरात टाइटंस और RCB के बीच खेले गए लीग मुकाबले में भी ऐसा ही विवाद देखने को मिला था। उस मैच में रजत पाटीदार बल्लेबाजी कर रहे थे और उनका कैच गुजरात के जेसन होल्डर ने लपका था।

रिप्ले में ऐसा लग रहा था कि कैच पूरा करते समय होल्डर का हाथ और गेंद मैदान को छू रहे थे। बावजूद इसके थर्ड अंपायर ने उस समय कैच को वैध माना और पाटीदार को आउट करार दिया था। उस फैसले के बाद विराट कोहली समेत कई RCB खिलाड़ियों ने मैदान पर नाराजगी जताई थी।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई। कुछ क्रिकेट प्रशंसकों ने थर्ड अंपायर के फैसले को सही बताया, जबकि कई फैंस का मानना था कि कैच को आउट दिया जाना चाहिए था।

ऐसे मामलों में निर्णय पूरी तरह उपलब्ध वीडियो एंगल और ICC के कैच नियमों की व्याख्या पर निर्भर करता है। यही वजह है कि कई बार एक जैसी दिखने वाली घटनाओं में अलग-अलग फैसले देखने को मिल जाते हैं।

फाइनल में विवाद ने बढ़ाया रोमांच

आईपीएल फाइनल पहले ही दबाव और भावनाओं से भरा मुकाबला होता है। ऐसे में जॉर्डन कॉक्स के कैच पर हुआ विवाद मैच के सबसे चर्चित पलों में शामिल हो गया। अब यह फैसला आने वाले दिनों में क्रिकेट विशेषज्ञों और फैंस के बीच चर्चा का विषय बना रह सकता है।

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