IPL में जल्द ही 300+ का स्कोर बन सकता है। 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम, आक्रामक बल्लेबाजी और बैटिंग-फ्रेंडली पिचों के कारण पिछले 2 सालों में बड़े स्कोर का ट्रेंड बढ़ा है। मौजूदा रिकॉर्ड SRH का 287 रन है, जिसके टूटने की उम्मीद है।

बेंगलुरु: आरसीबी फिर से ट्रॉफी जीतेगी? प्ले-ऑफ में कौन पहुंचेगा? सबसे ज्यादा रन कौन बनाएगा? चलिए 2026 के IPL से पहले इन घिसे-पिटे सवालों को साइड में रखते हैं और एक नया सवाल पूछते हैं: क्या इस बार कोई टीम पहली बार 300 रन का आंकड़ा पार करेगी?

पिछले दो साल के IPL मैचों और टीमों के आक्रामक खेल को देखें तो साफ लगता है कि 19वें सीजन में 300+ का स्कोर बनना अब नामुमकिन नहीं है। पिछले सीजन में भी इसकी उम्मीद की जा रही थी, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। अब सबकी नजरें इस सीजन पर हैं और इसके पीछे कई ठोस वजहें भी हैं।

बस थोड़ी ही दूर है 300 का आंकड़ा

2024 के IPL से पहले, टूर्नामेंट का सबसे बड़ा स्कोर RCB के नाम था, जिसने 2013 में पुणे वॉरियर्स के खिलाफ 263/6 रन बनाए थे। लेकिन अब टॉप-10 हाईएस्ट स्कोर की लिस्ट देखें तो उनमें से 9 स्कोर 2024 और 2025 में ही बने हैं। मतलब, पिछले दो सालों में रनों की ऐसी बारिश हुई है कि सारे रिकॉर्ड धुल गए। फिलहाल, IPL का सबसे बड़ा स्कोर 287 रन है, जो सनराइजर्स हैदराबाद ने 2024 में बेंगलुरु में RCB के खिलाफ 3 विकेट खोकर बनाया था। पिछले साल यानी 2025 में भी सनराइजर्स ने राजस्थान के खिलाफ 6 विकेट पर 286 रन ठोक दिए थे। इन आंकड़ों को देखकर लगता है कि इस बार 300+ का स्कोर बन सकता है।

'इम्पैक्ट प्लेयर' रूल का इम्पैक्ट

पिछले 3 सालों में IPL में बड़े स्कोर बनने की सबसे बड़ी वजह 'इम्पैक्ट प्लेयर' का नियम है। 12वें खिलाड़ी के तौर पर टीम में आने वाला यह प्लेयर मैच का रुख पलट देता है, जिससे बड़े स्कोर बन रहे हैं। 2008 से 2022 तक जब यह नियम नहीं था, और 2023 में इसके लागू होने के बाद टीमों के रन-रेट में जमीन-आसमान का फर्क आ गया है।इसके अलावा, फील्डिंग पर पाबंदियां, छोटी बाउंड्री और बल्लेबाजों की मददगार पिचें भी बड़े स्कोर बनने में मदद कर रही हैं।

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300+ की उम्मीद क्यों है?

1. हाई-स्कोर का बढ़ता ट्रेंड

T20, खासकर IPL का मतलब ही अब हाई-स्कोरिंग मैच हो गया है। कम स्कोर वाले मैच अब बहुत कम देखने को मिलते हैं। टीमें अब बड़े स्कोर बनाने की मानसिकता के साथ ही मैदान पर उतरती हैं।

2. बल्लेबाजों का विस्फोटक अंदाज

आजकल के बल्लेबाजों के लिए अंधाधुंध पिटाई करना और छक्के जड़ना एक मजे की तरह है। वे अब धीमी शुरुआत के बजाय शुरू से ही ताबड़तोड़ बैटिंग पर जोर दे रहे हैं और ज्यादातर रन बाउंड्री से ही बना रहे हैं।

3. बैटिंग-फ्रेंडली पिचें

अब किसी भी T20 टूर्नामेंट में ज्यादातर पिचें बल्लेबाजों को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं। IPL में भी BCCI बॉलिंग या बैलेंस्ड पिचों के बजाय बैटिंग-फ्रेंडली पिचें ही तैयार करवा रहा है।

4. इम्पैक्ट प्लेयर का नियम

IPL में बड़े स्कोर बनाने में इम्पैक्ट प्लेयर नियम का बहुत बड़ा हाथ है। टीमें अपने सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों को इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर उतारकर आसानी से बड़े स्कोर बना रही हैं।

5. छोटे स्टेडियम, छोटी बाउंड्री

IPL के ज्यादातर स्टेडियम, जैसे बेंगलुरु का चिन्नास्वामी, काफी छोटे हैं और उनकी बाउंड्री लाइन भी पास होती है। फील्डिंग की पाबंदियों के साथ मिलकर यह रन बनाना और भी आसान बना देता है।

T20 में 5 बार बन चुका है 300+ का स्कोर

भले ही IPL में अब तक 300+ का स्कोर न बना हो, लेकिन T20 क्रिकेट के लिए यह कोई नई बात नहीं है। इस फॉर्मेट में अब तक 5 बार टीमें 300 से ज्यादा रन बना चुकी हैं। 2024 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बड़ौदा ने सिक्किम के खिलाफ 5 विकेट पर 349 रन बनाए थे। वहीं, इंटरनेशनल क्रिकेट में 2024 में ही जिम्बाब्वे ने गांबिया के खिलाफ 4 विकेट पर 344 रन बनाए थे।

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पिछले साल 6 बार 240+, 2 बार 275+ रन बने

पिछले IPL सीजन में ही 300+ रन की उम्मीद थी। हालांकि ऐसा हुआ नहीं, पर टीमें इसके बहुत करीब पहुंच गई थीं। 2025 में कुल 6 बार 240 से ज्यादा का स्कोर बना, जबकि 2 बार तो टीमों ने 275 का आंकड़ा भी पार किया। सनराइजर्स ने राजस्थान के खिलाफ 286 और KKR के खिलाफ 278 रन बनाए थे।