कर्नाटक विधानसभा में IPL टिकटों को लेकर हंगामा हुआ। विधायकों ने KSCA पर उपेक्षा का आरोप लगाकर प्रत्येक के लिए 4 VIP टिकट मांगे। स्पीकर ने सरकार को टिकट सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बेंगलुरु: IPL के 19वें सीजन की शुरुआत कल चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाली है, लेकिन इससे पहले ही टिकटों को लेकर कर्नाटक विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच जमकर हंगामा हुआ। हर विधायक के लिए कम से कम चार VIP टिकट सुनिश्चित करने के लिए स्पीकर यू.टी. खादर ने सरकार को निर्देश दिया। यह मामला तब उठा जब विधायकों ने शिकायत की कि कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) जनप्रतिनिधियों की अनदेखी कर रहा है।

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यह मुद्दा विधानसभा में विपक्ष के नेता आर। अशोक ने उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टेडियम में MLAs के लिए बैठने की सही व्यवस्था नहीं है और उन्हें सिर्फ एक टिकट दिया जाता है। उन्होंने कहा, "करोड़ों रुपए की कमाई करने वाला एसोसिएशन हमें नजरअंदाज कर रहा है। अगर एक टिकट मिलता भी है, तो वह सिर्फ मेरे नाम पर होता है। मैं अपनी पत्नी या बेटे को मैच दिखाने नहीं ले जा सकता।"

कांग्रेस के विधायकों ने भी इस मांग का समर्थन किया। विधायक विजयानंद काशप्पनवर ने आरोप लगाया कि टिकट ब्लैक मार्केट में 20,000 रुपए तक में बिक रहे हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों को उनका वाजिब सम्मान नहीं मिल रहा। उन्होंने MLAs के लिए स्टेडियम में एक अलग लाउंज बनाने की भी मांग की।

विधायकों ने यह भी बताया कि जिस स्टेडियम के लिए सरकार ने जमीन दी है, उसका किराया सिर्फ 1,600 रुपए महीना है, जबकि एसोसिएशन टिकट के लिए 2,000 से 3,000 रुपए तक वसूल रहा है। उन्होंने स्टेडियम में शराब परोसने के लाइसेंस समेत दूसरे मामलों की भी कड़ी जांच की मांग की। आर। अशोक ने आगे कहा, "हम मुफ्त में टिकट नहीं मांग रहे हैं, हम पैसे देने को तैयार हैं। लेकिन हमें वाजिब सम्मान तो मिलना चाहिए।"

इस मामले पर उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारियों से बात करेंगे और विधायकों की मांग जायज है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह खुद एसोसिएशन के एक वोटिंग मेंबर हैं और इस मामले का जल्द ही कोई हल निकालेंगे।

कल शाम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच उद्घाटन मैच होना है। एक तरफ फैंस विराट कोहली के नए टैटू और RCB के टाइटल डिफेंस का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ टिकटों पर यह विवाद विधानसभा तक पहुंच गया है।