ललित मोदी ने टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को लेकर कौन-कौन सी बड़ी चेतावनियां दी हैं? द्विपक्षीय सीरीज और वनडे क्रिकेट को लेकर ललित मोदी की क्या राय है? टेस्ट क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने के लिए फ्रेंचाइजी आधारित मॉडल पर मोदी ने क्या सुझाव दिया?

लंदन: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने चेतावनी दी है कि क्रिकेट में पारंपरिक द्विपक्षीय सीरीज (bilateral series) जल्द ही खत्म हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि अगर ग्लोबल दर्शकों को खींचने के लिए बड़े कमर्शियल बदलाव नहीं किए गए, तो टेस्ट क्रिकेट का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। 62 साल के मोदी लंदन में ANI से बात कर रहे थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टेस्ट क्रिकेट की विरासत को बचाने के लिए फ्रेंचाइजी आधारित मॉडल अपनाना बहुत जरूरी है।

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ललित मोदी ने कहा, ''टेस्ट सीरीज ज्यादा समय तक नहीं चल पाएंगी। स्टेडियम में दर्शकों की घटती संख्या को देखते हुए पांच दिन के टेस्ट की जगह चार दिन के डे-नाइट मैच कराए जाने चाहिए। साथ ही, खेल के रोमांच और देशों के गौरव को बनाए रखने के लिए हर साल एक सख्त इंटरनेशनल वर्ल्ड चैंपियनशिप फॉर्मेट लागू किया जाना चाहिए।''

मोदी ने क्रिकेट कैलेंडर को आसान बनाने के लिए वनडे मैचों को पूरी तरह से खत्म करने की मांग की। उन्होंने कहा, ''वनडे मैच खत्म हो जाने चाहिए, लेकिन टेस्ट क्रिकेट को जिंदा रहना चाहिए। टेस्ट ही क्रिकेट का सबसे अहम हिस्सा है।''

उन्होंने एक क्रांतिकारी सुझाव देते हुए कहा कि युवा पीढ़ी और नए फैंस को टेस्ट क्रिकेट की ओर खींचने के लिए IPL फ्रेंचाइजी को अपनी टेस्ट टीमें बनाने की इजाजत देनी चाहिए। उनका प्रस्ताव है कि देशों के बीच होने वाले मैच तो अहम बने रहें, लेकिन क्लब लेवल पर फ्रेंचाइजी के बीच सीजन में कम से कम एक प्रदर्शनी टेस्ट मैच भी आयोजित किया जाना चाहिए। ललित मोदी की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब फ्रेंचाइजी लीग और ICC टूर्नामेंट्स के कारण इंटरनेशनल क्रिकेट कैलेंडर पर भारी दबाव है। इस साल IPL 2024 सीजन और ICC T20 वर्ल्ड कप की वजह से टेस्ट क्रिकेट में 124 दिनों का एक लंबा गैप देखने को मिला था।