पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने सूर्यकुमार यादव के अत्यधिक रक्षात्मक बैटिंग स्टाइल की आलोचना की है। उन्होंने चेतावनी दी कि T20 में यह रवैया टीम के लिए उल्टा पड़ सकता है और पावर-हिटर्स की क्षमता का पूरा उपयोग करने से रोकता है।
अहमदाबाद: टी20 वर्ल्ड कप में सुपर 8 के मुकाबले शुरू होने वाले हैं, लेकिन इससे पहले पूर्व भारतीय खिलाड़ी संजय मांजरेकर ने कप्तान सूर्यकुमार यादव के बैटिंग स्टाइल पर सवाल उठाए हैं। मांजरेकर ने चेतावनी दी है कि सूर्यकुमार और तिलक वर्मा का बैटिंग में बहुत ज़्यादा डिफेंसिव रवैया टीम के लिए उल्टा पड़ सकता है।
मांजरेकर ने कहा कि अमेरिका के खिलाफ जब टीम मुश्किल में थी, तब सूर्यकुमार ने जो संयम दिखाया, वो काबिले-तारीफ था। लेकिन उसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ भी उन्होंने वैसी ही 'शटर डाउन' वाली बैटिंग जारी रखी। मांजरेकर ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए एक वीडियो में कहा कि ये तरीका टी20 फॉर्मेट में बिल्कुल भी फायदेमंद नहीं है।
मांजरेकर ने कहा, "सूर्यकुमार यादव की बैटिंग में एक बात है जो मुझे बिल्कुल पसंद नहीं आ रही। अमेरिका के खिलाफ 77 रन पर 6 विकेट गिरने के बाद सूर्या ने जिस तरह खेला, वो शानदार था। लेकिन अब वो उसी स्टाइल को ज़रूरत से ज़्यादा अपना रहे हैं। खासकर पहले बैटिंग करते हुए, कप्तान के तौर पर ये सोचना कि मुझे क्रीज़ पर टिके रहना ही है, खतरनाक है। सूर्या को ये नहीं भूलना चाहिए कि भारतीय टीम के पास काफी बैटिंग पावर है।"
जब सूर्या और तिलक रन बनाने में ज़्यादा वक्त लेते हैं, तो टीम हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे और रिंकू सिंह जैसे पावर-हिटर्स की ताकत का पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाती। जब आठवें नंबर पर अक्षर पटेल या वॉशिंगटन सुंदर जैसा खिलाड़ी हो, तो टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज़ों को हर गेंद पर ज़्यादा से ज़्यादा रन बनाने की कोशिश करनी चाहिए। हाथ में विकेट होने के बावजूद ज़रूरत से ज़्यादा सावधानी बरतने की वजह से 180 रन पर सिमट जाना, मज़बूत टीमों के खिलाफ हार की वजह बन सकता है।
2026 में शानदार फॉर्म में चल रहे सूर्यकुमार यादव, इस वर्ल्ड कप में ईशान किशन के बाद भारत के लिए सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। लेकिन मांजरेकर ने साफ किया कि पारी की शुरुआत में सिर्फ सिंगल लेकर गेंदें बर्बाद करना दक्षिण अफ्रीका जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ एक चुनौती बन सकता है।


