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दुनिया के वो 5 खूंखार ऑलराउंडर, जिनके मैदान में आते ही कांपते थे विरोधी; लिस्ट में एक भी भारतीय नहीं
Top 5 Dangerous all rounder in cricket: क्रिकेट में ऑलराउंडर की भूमिका हमेशा से सबसे ज्यादा रही है। ऑलराउंडर का मतलब गेंद और बल्ले दोनों से टीम के लिए बड़ा योगदान देना। यहां हम आपको इतिहास के पांच ऐसे खूंखार ऑलराउंडर के बारे में बताएंगे।

क्रिकेट इतिहास के 5 खूंखार ऑलराउंडर
क्रिकेट एक ऐसा खेल है, जिसमें बल्ले और गेंद दोनों से खिलाड़ियों को अपना जलवा दिखाना होता है। हालांकि, बल्लेबाजी के लिए अलग से बल्लेबाज होते हैं जबकि गेंदबाजी के लिए स्पेशलिस्ट खिलाड़ी बनते हैं। वहीं, जब बात ऑलराउंडर की आती है, तो वह दोनों डिपार्टमेंट में जलवा बिखेरते हैं। यहां हम आपको क्रिकेट के इतिहास के उन 5 खूंखार ऑलराउंडर के बारे में बताएंगे, जिनके मैदान पर आते ही विरोधियों की नींद उड़ जाती थी।
जैक्स कैलिस (साउथ अफ्रीका)
अगर क्रिकेट में ऑलराउंडर की परिभाषा निकाली जाए, तो उसमें से जैक्स कैलिस का नाम सबसे पहले नंबर पर आएगा। वह केवल एक रन बनाने वाले बल्लेबाज नहीं थे, बल्कि साउथ अफ्रीका की बल्लेबाजी में रीड की हड्डी थे। उनके बारे में एक बात कही जाती है (सचिन+जहीर= जैक्स कैलिस), क्योंकि सचिन के आसपास उनके टेस्ट में रन है, जबकि जहीर खान जितनी टेस्ट में विकेट है। टेस्ट में 45 शतक जड़े और 13089 रन बनाए। गेंदबाजी में 292 विकेट लिए। वनडे में 11579 रन बनाए और 273 विकेट लिए। वो एक जैसा खेल अपनी टीम के लिए सालों तक खेले। उनके बाद कई ऑलराउंडर आए और गए लेकिन कैलिस नहीं बन पाए।
इयान बॉथम (इंग्लैंड)
इंग्लैंड क्रिकेट के इतिहास में कोई खिलाड़ी अकेले दम पर मैच पलटने की क्षमता रखता था, तो उनका नाम सर इयान बॉथम था। वह ऐसे ऑलराउंडर थे, जो मैदान पर उतरते ही सामने वाली टीम की माइंडसेट चेंज कर देते थे। बल्ले से ऐसा खेल दिखाते थे जिससे गेंदबाज सामने डर जाए और जब गेंद उनके हाथों में होती थी, तो बल्लेबाजों की नींद उड़ जाती थी। 1981 की एशेज सीरीज को आज भी लोग बॉथम सीरीज के नाम से जानते हैं। 102 टेस्ट में 5200 रन और 383 विकेट लिए।
इमरान खान (पाकिस्तान)
अगर पाकिस्तान का नाम किसी खिलाड़ी ने अकेले दम पर विश्व क्रिकेट में ऊपर किया है, तो वो इमरान खान रहे हैं। इमरान सिर्फ एक तेज गेंदबाज नहीं थे, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम की पहचान थे। वह कैसे कप्तान थे, जिन्होंने ड्रेसिंग रूम में डर का माहौल ही खत्म कर दिया। उनकी गेंद में स्विंग और रफ्तार बढ़िया-बढ़िया बल्लेबाजों की नींद उड़ा देती थी। वह सिर्फ एक गेंदबाज ही नहीं थे, बल्कि पाकिस्तान टीम के लिए एक बढ़िया फिनिशर भी रहे। जब टीम का टॉप ऑर्डर नहीं चलता था, तो वह जाकर मुकाबला अकेले पलटने की क्षमता रखते थे।
शेन वॉटसन (ऑस्ट्रेलिया)
ऑस्ट्रेलिया की टीम शुरुआत से ही बड़े से बड़े मैच विनर खिलाड़ियों से भरी रही है, लेकिन जब ऑलराउंडर की बात आती है, तो सबसे पहला नाम शेन वॉटसन का आता है। वो बैट और बॉल से अकेले दम पर मैच पलटने की ताकत रखते थे। जब वह मैदान पर आते थे, तो ऐसा लगता था कि ऑस्ट्रेलिया की टीम दो खिलाड़ी लेकर खेल रहा हो। ऊपर से ओपनिंग में तूफानी बल्लेबाजी और नीचे से रफ्तार वाली गेंद समाने खड़ी विरोधियों की बत्ती गुल कर देती थी।
सनथ जयसूर्या (श्रीलंका)
अगर श्रीलंका क्रिकेट ने दुनिया को अपनी ताकत का एहसास कराया, तो उसमें सबसे बड़ा हाथ सनथ जयसूर्या का रहा है। आज टी20 क्रिकेट में जो विस्फोटक बल्लेबाजी देखने को मिलती है, उसका बड़ा हाथ जयसूर्या का रहा है। वो पहली ही गेंद से टूट पड़ते थे। 1996 वर्ल्ड कप में पहली बार दुनिया ने उनका खौफ देखा है। उस समय यह एहसास हुआ, कि श्रीलंका अब छोटी टीम नहीं रही है। वो गेंद से मिडिल ओवरों में विकेट भी लेते थे। उनका लेफ्ट आर्म स्पिन बल्लेबाजों के लिए परेशानी का सबब बनता था। टीम को मुश्किल परिस्थिति में विकेट दिलाते थे।