Sachin Tendulkar Ranji Debut: वैभव सूर्यवंशी को लगातार तीन मैचों में डेब्यू का मौका नहीं मिला। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सचिन तेंदुलकर को भी रणजी टीम में चयन के बाद एक साल तक इंतजार करना पड़ा था? जानिए ये दिलचस्प कहानी।
Vaibhav Sooryavanshi Debut: क्रिकेट फैंस 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के इंटरनेशनल डेब्यू का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उन्हें पहले आयरलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में चुना गया, लेकिन दोनों टी20 मैचों में प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। इसके बाद 1 जुलाई को भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए पहले टी20 मुकाबले में भी फैंस को उम्मीद थी कि वैभव को डेब्यू का मौका मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लगातार तीन मैच बीत चुके हैं और वैभव अब भी बेंच पर बैठे हैं। इसे लेकर क्रिकेट जगत में कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को भी अपने करियर की शुरुआत में ऐसे ही लंबे इंतजार का सामना करना पड़ा था। आइए जानते हैं 1987-88 की वह दिलचस्प कहानी।

एक साल तक टीम के साथ रहे, लेकिन खेलने का मौका नहीं मिला
साल 1987-88 में घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद सचिन तेंदुलकर को महज 14 साल की उम्र में मुंबई की रणजी टीम में शामिल कर लिया गया था। लेकिन उस समय मुंबई की टीम में कई अनुभवी और बड़े खिलाड़ी मौजूद थे। ऐसे में प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना आसान नहीं था। टीम में सिलेक्ट होने के बावजूद सचिन को पूरे एक साल तक मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इस दौरान वह टीम के साथ ट्रैवल करते रहे, खिलाड़ियों की मदद करते रहे और मैदान पर अपने अवसर का इंतजार करते रहे। कई बार उन्हें सिर्फ टीम के साथ बैठकर मैच देखना पड़ता था।
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15 साल 232 दिन की उम्र में किया यादगार डेब्यू
करीब एक साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सचिन तेंदुलकर को 15 साल और 232 दिन की उम्र में मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करने का मौका मिला। उन्होंने इस मौके को दोनों हाथों से भुनाया और अपने पहले ही फर्स्ट क्लास मैच में नाबाद 100 रन बनाकर इतिहास रच दिया। सचिन ने 129 गेंदों में 14 चौकों की मदद से यह शानदार शतकीय पारी खेली। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आगे चलकर क्रिकेट इतिहास के सबसे महान बल्लेबाजों में अपनी जगह बनाई।
अब वैभव सूर्यवंशी से भी हैं बड़ी उम्मीदें
सचिन तेंदुलकर ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 100 शतक लगाए, 34,000 से ज्यादा रन बनाए और क्रिकेट के 'भगवान' कहलाए। आज वैसी ही उम्मीदें वैभव सूर्यवंशी से भी लगाई जा रही हैं। हालांकि, टीम में सिलेक्ट होने के बावजूद उन्हें अभी तक डेब्यू का मौका नहीं मिला है। ऐसे में उनके लिए सबसे जरूरी है कि वे धैर्य बनाए रखें और अपनी तैयारी जारी रखें। हर महान खिलाड़ी के करियर में इंतजार का दौर आता है। सचिन ने भी इस कठिन समय को पार किया था और बाद में इतिहास रच दिया। वैभव के पास भी जब मौका आएगा, तब वह अपनी प्रतिभा साबित करने का पूरा अवसर होगा।
सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले सवाल
1. सचिन तेंदुलकर ने रणजी ट्रॉफी में डेब्यू कब किया?
सचिन ने 15 साल 232 दिन की उम्र में मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया था।
2. क्या सचिन तेंदुलकर को भी डेब्यू के लिए इंतजार करना पड़ा था?
हां, रणजी टीम में सिलेक्शन के बाद उन्हें करीब एक साल तक खेलने का मौका नहीं मिला था।
3. वैभव सूर्यवंशी को अब तक डेब्यू क्यों नहीं मिला?
टीम मैनेजमेंट ने अभी तक उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया है, इसलिए उनका इंटरनेशनल डेब्यू बाकी है।
