15 साल के वैभव सूर्यवंशी इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए डेब्यू कर सकते हैं। सुरक्षा नियमों के तहत उन्हें अलग से चेंजिंग रूम की सुविधा मिलेगी। जानें क्या है वजह?
क्रिकेट की दुनिया में वैभव सूर्यवंशी का नाम तेजी से चर्चा में है। बिहार के 15 वर्षीय प्रतिभाशाली बल्लेबाज को हाल ही में पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया गया है। वह इंग्लैंड के आगामी व्हाइट-बॉल दौरे के लिए टीम के साथ यात्रा कर रहे हैं। अगर उन्हें शुक्रवार को बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ खेले जाने वाले पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में मौका मिलता है, तो वह भारत के सबसे कम उम्र के इंटरनेशनल क्रिकेटर बन जाएंगे। इसके साथ ही वह महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का लंबे समय से कायम रिकॉर्ड भी तोड़ सकते हैं।

भारत-आयरलैंड टी20 सीरीज से मिल सकता है डेब्यू का मौका
इंग्लैंड के खिलाफ अगले सप्ताह शुरू होने वाली 5 मैचों की टी20 सीरीज से पहले भारतीय टीम आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलेगी। इन मैचों को वैभव सूर्यवंशी के संभावित अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के रूप में देखा जा रहा है। यदि टीम प्रबंधन उन्हें मौका देता है, तो वह अपने करियर की एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं और भारतीय क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय जोड़ सकते हैं।
ECB और ICC के नियमों के कारण अलग चेंजिंग रूम का इंतजाम
ब्रिटिश अखबार द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, वैभव सूर्यवंशी की उम्र को देखते हुए इंग्लैंड दौरे पर उनके लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। ICC के सुरक्षा नियमों और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) की नीतियों के मुताबिक 16 साल से कम उम्र के खिलाड़ी वयस्क खिलाड़ियों के साथ चेंजिंग रूम साझा नहीं कर सकते। इसी वजह से सूर्यवंशी के लिए हर मैच स्थल पर अलग चेंजिंग रूम की व्यवस्था की जाएगी। ECB और BCCI मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी सुरक्षा और संरक्षण संबंधी नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए।
वैभव सूर्यवंशी के साथ रहेंगे माता-पिता
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पूरे दौरे के दौरान वैभव सूर्यवंशी के माता-पिता उनके साथ मौजूद रहेंगे। उनके माता-पिता टीम के खिलाड़ियों के साथ उसी होटल में ठहरेंगे, जहां भारतीय टीम रुकेगी। सामान्य परिस्थितियों में यह सुविधा नहीं दी जाती, लेकिन खिलाड़ी की कम उम्र को देखते हुए इस बार विशेष अनुमति दी गई है। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युवा खिलाड़ी को परिवार का सहयोग और भावनात्मक समर्थन लगातार मिलता रहे।
ECB ने सुरक्षा व्यवस्था पर क्या कहा?
ECB ने द गार्डियन को दिए बयान में कहा कि यह एक ICC इवेंट है, इसलिए ICC के सुरक्षा और संरक्षण संबंधी नियम लागू होते हैं। कुछ मामलों में सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां ICC सीधे संभाल सकता है। ECB ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी "सेफ हैंड्स" नीति हर समय लागू रहती है और खिलाड़ी की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।बोर्ड के अनुसार, क्रिकेट रेगुलेटर भारतीय टीम के टीम लाइज़न ऑफिसर के साथ लगातार संपर्क में है ताकि यूनाइटेड किंगडम में खिलाड़ी की जरूरतों और सुरक्षा संबंधी अपेक्षाओं को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
हर वेन्यू पर होगा सेफगार्डिंग रिस्क असेसमेंट
ECB ने बताया कि प्रत्येक क्रिकेट मैदान पर मौजूद काउंटी सेफगार्डिंग ऑफिसर और टीम लाइजन ऑफिसर मिलकर काम कर रहे हैं। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चेंजिंग रूम सहित सभी सुविधाएं सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों। इसके लिए हर वेन्यू पर विस्तृत "सेफगार्डिंग रिस्क असेसमेंट" किया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा संबंधी समस्या से बचा जा सके। ECB ने यह भी कहा कि खिलाड़ी के माता-पिता का लगातार साथ रहना सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाता है तथा युवा खिलाड़ी को अतिरिक्त देखभाल और समर्थन उपलब्ध कराता है।
भारत और इंग्लैंड के नियमों में है अंतर
इंग्लैंड के खेल संगठनों में 16 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ियों के लिए अलग चेंजिंग रूम की व्यवस्था एक सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है। हालांकि, भारत में इस तरह का कोई स्पष्ट नियम देखने को नहीं मिलता। यही कारण है कि वैभव सूर्यवंशी ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दौरान राजस्थान रॉयल्स के अन्य खिलाड़ियों के साथ सामान्य रूप से टीम की सुविधाओं का उपयोग किया था। अब इंग्लैंड दौरे पर स्थानीय नियमों और ICC के दिशा-निर्देशों के तहत उनके लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है, ताकि उनकी सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित की जा सकें।


