Vaibhav Suryavanshi Record In India vs Zimbabwe T20: वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 में सिर्फ 19 गेंदों में 50 रन बनाकर इतिहास रच दिया। 15 साल 118 दिन की उम्र में वह टी20 इंटरनेशनल में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए।
India vs Zimbabwe T20: भारतीय क्रिकेट को एक और युवा सितारा मिल गया है। घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरने वाले वैभव सूर्यवंशी ने अब इंटरनेशनल क्रिकेट में भी धमाकेदार एंट्री कर दी है। हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 19 गेंदों में 50 रन ठोककर कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। खास बात यह रही कि महज 15 साल की उम्र में उन्होंने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो अब तक कोई खिलाड़ी नहीं कर सका था।
18 गेंदों में अर्धशतक, शुरुआत से ही बरपाया कहर
इंग्लैंड दौरे पर लगातार तीन टी20 मैचों में नाकाम रहने के बावजूद वैभव सूर्यवंशी का आत्मविश्वास नहीं डगमगाया। हरारे में उन्होंने पहली ही गेंद से आक्रामक अंदाज अपनाया। दूसरी गेंद पर सिंगल लेने के बाद उन्होंने जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज रिचर्ड एन्गारवा पर जोरदार हमला बोला।
एन्गारवा की गेंद पर 99 मीटर लंबा छक्का लगाकर उन्होंने अपने इरादे साफ कर दिए। इसके बाद चौथे और पांचवें ओवर में भी उन्होंने लगातार चौके-छक्कों की बरसात की। महज 18 गेंदों में अर्धशतक पूरा करते हुए वैभव ने 4 चौके और 4 छक्कों की मदद से अपनी पारी को यादगार बना दिया। हालांकि, पचासा पूरा करने के तुरंत बाद वह आउट हो गए और 19 गेंदों में 50 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
यह भी पढ़ें: Vaibhav Sooryavanshi: इंग्लैंड दौरे पर ड्रॉप, अब जिम्बाब्वे में वापसी को तैयार वैभव
सबसे कम उम्र में T20I अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ी बने
इस पारी के साथ वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रच दिया। 15 साल 118 दिन की उम्र में उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में अर्धशतक लगाने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
इससे पहले फुल मेंबर देशों में यह रिकॉर्ड अफगानिस्तान के रहमनुल्लाह गुरबाज के नाम था, जिन्होंने 17 साल 296 दिन की उम्र में टी20 इंटरनेशनल अर्धशतक लगाया था। वैभव ने इस उपलब्धि के साथ उम्र और गति, दोनों मामलों में नया कीर्तिमान स्थापित किया।
टीम इंडिया को मिला भविष्य का विस्फोटक बल्लेबाज
वैभव सूर्यवंशी की यह पारी सिर्फ एक अर्धशतक नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य की मजबूत दस्तक मानी जा रही है। कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिस बेखौफ अंदाज से उन्होंने अनुभवी गेंदबाजों का सामना किया, उसने क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
अगर वह इसी तरह लगातार प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले वर्षों में भारतीय टी20 टीम के सबसे बड़े मैच विनर खिलाड़ियों में उनकी गिनती हो सकती है। हरारे में खेली गई यह पारी उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।
यह भी पढ़ें: 149 Kmph की रफ्तार... पहली ही गेंद पर बल्लेबाज ढेर, मयंक यादव ने रच दिया इतिहास
