Virat Kohli ने IPL 2026 के पहले क्वालिफायर में Gujarat Titans के खिलाफ कितने रन बनाए और वे किस गेंदबाज़ का शिकार बने? प्लेऑफ मुकाबलों में विराट कोहली का रिकॉर्ड कैसा रहा है, और उन्होंने आखिरी बार अर्धशतक कब लगाया था? Royal Challengers Bengaluru की बड़ी जीत में Rajat Patidar और गेंदबाज़ों का क्या योगदान रहा?
अहमदाबाद: IPL इतिहास में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी का तमगा तो विराट कोहली के पास है, लेकिन जब बात प्लेऑफ मैचों की आती है, तो उनकी किस्मत दगा दे जाती है। इस बार भी कहानी कुछ अलग नहीं रही। IPL 2026 के पहले क्वालिफायर में गुजरात टाइटंस के खिलाफ कोहली अपनी फिफ्टी से सिर्फ 7 रन दूर रह गए। इसके साथ ही, प्लेऑफ में एक अर्धशतक बनाने का उनका इंतजार 10 साल से जारी है। इस दौरान उन्होंने कई प्लेऑफ मैच खेले, लेकिन फिफ्टी नहीं बना पाए।

गुजरात के तेज गेंदबाज़ों का सामना करते हुए कोहली ने अच्छी शुरुआत की। उन्होंने 25 गेंदों पर 172 के स्ट्राइक रेट से 43 रन बनाए। लेकिन 9वें ओवर में जेसन होल्डर की गेंद पर वे बोल्ड हो गए। आपको बता दें कि कोहली ने प्लेऑफ में अपनी आखिरी फिफ्टी 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ फाइनल मैच में लगाई थी। तब उन्होंने 54 रन बनाए थे। उसके बाद से, गुजरात के खिलाफ बनाए गए ये 43 रन ही उनका प्लेऑफ में सबसे बड़ा स्कोर है।
प्लेऑफ में कोहली का रिकॉर्ड कुछ खास नहीं
IPL के इतिहास में कोहली ने अब तक 17 प्लेऑफ मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने कुल 396 रन बनाए हैं। इसमें वे सिर्फ दो बार ही 50 रन का आंकड़ा पार कर पाए हैं। 2011 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ बनाए गए 70* रन प्लेऑफ में उनका सबसे बड़ा स्कोर है। दूसरी फिफ्टी 2016 में आई थी। लीग स्टेज में रनों का अंबार लगाने वाले कोहली का नॉकआउट मैचों में बार-बार फेल होना फैंस को निराश कर रहा है।
हालांकि कोहली के जल्दी आउट होने के बावजूद, कप्तान रजत पाटीदार की शानदार बैटिंग की बदौलत बेंगलुरु की टीम ने प्लेऑफ इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया। पाटीदार ने सिर्फ 33 गेंदों पर नाबाद 93 रन ठोक दिए और RCB को 254 रनों के विशाल स्कोर तक पहुंचा दिया। कोहली के 43 रनों के अलावा, देवदत्त पडिक्कल (18 गेंदों में 30) और क्रुणाल पांड्या (28 गेंदों में 43) ने भी बैटिंग में अच्छा साथ दिया।
जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की टीम जैकब डफी, भुवनेश्वर कुमार, रसिक सलाम धर और क्रुणाल पांड्या की घातक गेंदबाजी के सामने टिक नहीं पाई। पूरी टीम 19।3 ओवर में 162 रनों पर ढेर हो गई। इस तरह RCB ने 92 रनों से बड़ी जीत दर्ज की और लगातार दूसरी बार फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
