आर्यावीर सहवाग ने वीनू मांकड़ ट्रॉफी में 143 गेंदों पर 173 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 19 चौके और 8 छक्के जड़े। उनके इस शतक से दिल्ली ने चंडीगढ़ के खिलाफ 289 रन बनाए।
विशाखापट्टनम: वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यावीर सहवाग ने अपने पिता की तूफानी बैटिंग की याद दिला दी है। वीनू मांकड़ ट्रॉफी में दिल्ली टीम की कप्तानी कर रहे 18 साल के आर्यावीर ने चंडीगढ़ के खिलाफ 143 गेंदों में 173 रन ठोक डाले। इस शानदार पारी में उन्होंने 19 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के लगाए। मैच में दिल्ली ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग चुनी। आर्यावीर ने ओपनर अर्नव बुग्गा (47) के साथ मिलकर टीम को धांसू शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 98 रन जोड़े।
इसके बाद भले ही कुछ-कुछ देर में विकेट गिरते रहे, लेकिन आर्यावीर एक छोर पर डटे रहे और चंडीगढ़ के बॉलर्स की जमकर धुनाई की। 46वें ओवर में जब श्रेष्ठ दुग्गल ने उन्हें आउट किया, तब तक वो दिल्ली को एक मजबूत स्कोर तक पहुंचा चुके थे। आर्यावीर के इस शानदार शतक के दम पर दिल्ली ने 50 ओवर में 6 विकेट खोकर 289 रन बनाए।
पिछले मैच में कर्नाटक के हाथों मिली करारी हार के बाद, दिल्ली ने इस पारी के दम पर टूर्नामेंट में जोरदार वापसी की है। आपको बता दें कि आर्यावीर ने पिछले साल सितंबर में राजकोट में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम के खिलाफ सीरीज से अपना डेब्यू किया था। उस सीरीज में भी उनका प्रदर्शन कमाल का रहा था। इसके अलावा दिल्ली प्रीमियर लीग में वेस्ट दिल्ली लायंस के लिए भी उन्होंने शानदार खेल दिखाया था। अपने पिता की तरह ही बेखौफ अंदाज में बैटिंग करने वाले आर्यावीर को भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है।






