भारत के पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल ने अब ऐसा क्या कमाल कर दिया जो दुनिया कर रही सलाम कर रही? क्या है सुमति का वो वर्ल्ड रिकॉर्ड, जिसे उन्होंने ही तोड़ दिया? बेंगलुरु में आखिर ऐसा क्या हुआ कि टूट गया सालों पुराना रिकॉर्ड?
बेंगलुरु (कर्नाटक): भारत के स्टार पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल ने एक बार फिर कमाल कर दिया है। ओलिंपिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप के गोल्ड मेडलिस्ट सुमित ने बुधवार को बेंगलुरु में चल रही इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया।

एशियन पैरा गेम्स में भी रच चुके हैं इतिहास
भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने एक बयान में बताया, "सुमित अंतिल ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। उन्होंने पुरुषों की जैवलिन F64 कैटेगरी में 74.82 मीटर के ज़बरदस्त थ्रो के साथ अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा है। इस कोशिश के साथ, उन्होंने अपने पिछले 73.29 मीटर के वर्ल्ड रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया, जो उन्होंने 2022 एशियन पैरा गेम्स में बनाया था।"
गोल्ड मेडल जीत चुके हैं सुमित अंतिल
- सुमित अंतिल भारत के सबसे बेहतरीन पैरा-एथलीट में से एक हैं। उन्होंने 2020 और 2024 के पैरालिंपिक में लगातार गोल्ड मेडल जीते हैं। इसके अलावा, वह तीन बार वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप के गोल्ड मेडलिस्ट भी हैं।
- पिछले साल दिल्ली में हुई वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी सुमित ने घरेलू दर्शकों के सामने यादगार प्रदर्शन किया था। उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में 71.37 मीटर का थ्रो फेंककर मीट रिकॉर्ड बनाया था और इवेंट में अपना तीसरा गोल्ड जीता था। किसी भी भारतीय द्वारा जीते गए ये सबसे ज़्यादा वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स गोल्ड मेडल हैं।
कौन हैं भारतीय स्टार सुमित अंतिल
सुमित अंतिल भारत के एक स्टार पैरा-एथलीट और जैवलिन (भाला फेंक) थ्रोअर हैं। बता दें कि सुमित मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले हैं। सुमित ने अपने पिता को सात साल की उम्र में ही खो दिया था। 17 वर्ष की उम्र में एक भीषण सड़क दुर्घटना में उनका बायां पैर कट गया था। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने जुनून से दो पैरालंपिक खेलों (टोक्यो 2020 और पेरिस 2024) में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया।


