एशियन गेम्स 2026 ट्रायल में विनेश फोगाट और निशु के मुकाबले के दौरान विवाद किस वजह से हुआ? सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विनेश फोगाट को ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति कैसे मिली? क्वार्टर फाइनल में जीत के बावजूद विनेश फोगाट का एशियन गेम्स 2026 का सपना क्यों टूट गया? सेमीफाइनल में हारने के बाद विनेश फोगाट ने दर्शकों से क्या वादा किया?
भारत की तीन बार की ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट की एशियन गेम्स 2026 के ट्रायल में निशु पर जीत बड़े विवाद में फंस गई। शनिवार, 30 मई को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में हुए इस क्वार्टर फाइनल मुकाबले के नतीजे पर जमकर हंगामा हुआ। पेरिस 2024 ओलंपिक के बाद विनेश फोगाट पहली बार मैट पर लौटी थीं। उन्हें इस ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए एक लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। दरअसल, रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) ने हालिया घरेलू compétitions में हिस्सा न लेने के कारण उन्हें शुरुआत में अयोग्य घोषित कर दिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें ट्रायल में शामिल होने की इजाजत दी।

WFI ने विनेश को 50 किलो वर्ग में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी, जिसमें उन्होंने पेरिस 2024 ओलंपिक में भाग लिया था। लेकिन विनेश अपने पुराने 53 किलो वर्ग में ही लौटना चाहती थीं। आखिरकार, हरियाणा की इस विधायक को उनके पसंदीदा वेट कैटेगरी में ही मुकाबला करने दिया गया।
विनेश फोगाट और निशु का मुकाबला विवादों में घिरा
विनेश फोगाट ने क्वार्टर फाइनल में निशु को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और एशियन गेम्स 2026 के और करीब पहुंच गईं। लेकिन यह मैच विवादों और हंगामे से भरा रहा। रेफरी के फैसलों, तकनीकी खराबियों और प्रशासनिक तनाव के कारण मैच में खूब बवाल हुआ। जब विनेश 0-5 से पीछे चल रही थीं, तब उन्होंने निशु को पिन करने की कोशिश की। लेकिन तभी रेफरी ने मुकाबला रोककर विनेश को चार पॉइंट दे दिए। इस फैसले से विनेश का खेमा भड़क गया और उनके पति सोमवीर राठी ने गुस्से में पानी की बोतल फेंक दी।
हालांकि, विनेश की टीम ने शुरुआती फैसले को सफलतापूर्वक चुनौती दी और 6-5 की बढ़त ले ली। लेकिन विवाद यहीं नहीं थमा। एक आर्म थ्रो पर विनेश के कैंप को लगा कि उन्हें दो की जगह चार पॉइंट मिलने चाहिए थे, जो उन्हें नहीं मिले। इसके अलावा, मैच के एक अहम मोड़ पर ऑफिशियल रिव्यू मॉनिटर ने भी काम करना बंद कर दिया, जिससे और भी कन्फ्यूजन और देरी हुई।
आखिरी सेकंडों में संयम बनाए रखते हुए विनेश ने 7-6 से जीत हासिल कर ली। लेकिन उनकी प्रतिद्वंद्वी निशु इस हार से टूट गईं। वह मैट पर ही रोती रहीं और उन्होंने विनेश या रेफरी से हाथ मिलाने से भी इनकार कर दिया। विनेश ने मैट छोड़ने से पहले निशु की पीठ थपथपाकर उन्हें सांत्वना दी।
विनेश से हार के साथ ही निशु का एशियन गेम्स 2026 सिलेक्शन ट्रायल में सफर खत्म हो गया। अब वह सितंबर-अक्टूबर में जापान में होने वाले इस बड़े इवेंट के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाएंगी।
सेमीफाइनल में हारकर टूटा विनेश का एशियन गेम्स का सपना
इस साल एशियन गेम्स में हिस्सा लेने का विनेश फोगाट का सपना आखिरकार टूट गया। सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयत ने उन्हें एक कड़े मुकाबले में 4-6 से हरा दिया। 2018 में गोल्ड समेत दो बार एशियन गेम्स मेडलिस्ट रह चुकीं विनेश का सफर नई दिल्ली में हुए इन सिलेक्शन ट्रायल्स में खत्म हो गया। क्वार्टर फाइनल में हुए भारी ड्रामे के बावजूद, गोयत से मिली हार ने उनके पसंदीदा 53 किलो वर्ग में उनकी दावेदारी खत्म कर दी। यह वही कैटेगरी है जिसमें वह पेरिस 2024 ओलंपिक के 50 किलो वर्ग की बजाय लड़ना चाहती थीं। मीनाक्षी गोयत से सेमीफाइनल में हारने के बाद विनेश फोगाट ने दमदार वापसी का वादा किया। उन्होंने वहां मौजूद दर्शकों से कहा:
“मैं फिर आऊंगी।”
विनेश फोगाट के लिए प्रतिष्ठित एशियन गेम्स में हिस्सा लेना एक बड़ा लक्ष्य बना हुआ है, भले ही 2026 के सिलेक्शन ट्रायल में उनका रास्ता बंद हो गया हो। अब यह अनुभवी भारतीय पहलवान अपने भविष्य की ट्रेनिंग और compétition शेड्यूल पर विचार करेंगी और इस अनुभव से सीखते हुए अपने करियर में अगले कदमों के बारे में सोचेंगी।
