केंद्रीय बजट 2025-26 में मिथिला और कोसी क्षेत्र के मखाना किसानों के लिए मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा। इससे किसानों को सीधा बाजार, आय में वृद्धि और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।

मधुबनी न्यूज: केंद्रीय बजट 2025-26 में बिहार के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्र सरकार ने मिथिला और कोसी क्षेत्र के मखाना किसानों के लिए मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा की है। इससे किसानों को सीधा बाजार मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। इसके अलावा उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन में भी सुधार होगा। किसानों को प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि बिहार में मखाना बोर्ड का गठन किया जाएगा। यह बोर्ड मखाना के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन को बेहतर बनाने का काम करेगा। इससे मखाना किसानों को सीधा बाजार मिलेगा। अब तक किसानों को उचित बाजार की सुविधा नहीं मिल पाती थी।

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बिहार के किन जिलों को होगा फायदा?

इस बोर्ड के गठन से बिहार के 8 जिलों को सीधा फायदा मिलने वाला है। इन जिलों में दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज शामिल है। इसके अलावा बंगाल, असम और यूपी के वे जिले भी लाभान्वित होंगे जहां मखाना की खेती की जाती है। बोर्ड सभी मखाना उत्पादकों को एक मंच पर लाएगा। इससे कीमतों में स्थिरता आएगी और किसानों को उचित मूल्य मिलेगा। किसानों को आधुनिक तरीकों से मखाना की खेती करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि किसानों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिले।

बिहार से कितना मखाना निर्यात किया जाता है?

बिहार मखाना का प्रमुख उत्पादक राज्य है। देश के कुल मखाना का 85 फीसदी उत्पादन यहीं होता है। मधुबनी, दरभंगा, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार जैसे जिले मखाना की खेती के लिए मशहूर हैं। बिहार का मखाना अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जापान और इंग्लैंड जैसे देशों में निर्यात किया जाता है। हर साल करीब दो लाख टन मखाना निर्यात किया जाता है।

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