Bihar News: महिला पुलिस इंस्पेक्टर लीलावती का रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। उन पर नावकोठी थाना क्षेत्र के एक मामले में धारा कम करने को लेकर पैसे लेने का आरोप है। मामले की जांच के बाद महिला दरोगा को निलंबित कर दिया गया है।

Begusarai Bribery Case: बिहार के बेगूसराय में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें एक महिला इंस्पेक्टर काम के बदले 20 हजार रिश्वत मांग रही है। बता दें कि बेगूसराय के नावकोठी थाने में तैनात एसआई लीलावती को एसपी मनीष कुमार ने रिश्वत लेने के आरोप में सस्पेंड कर दिया है। दरअसल, इंस्पेक्टर का 4 दिन पुराना एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें केस में धारा हटाने के लिए सौदेबाजी चल रही थी। हालांकि, वीडियो सामने आने के बाद एसपी मनीष ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है।

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धारा हटाने के लिए मांगे थे पैसे

एसपी ने बताया कि नावकोठी थाने में तैनात एसआई लीलावती ने एक केस में आरोपी से धारा हटाने के लिए पैसे मांगे थे। इसका वीडियो कल मिला था। वायरल वीडियो की जांच बखरी डीएसपी कुंदन कुमार ने की थी। जांच में सही पाए जाने के बाद लीलावती को सस्पेंड कर दिया गया है। दरअसल, नावकोठी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया था कि उसकी शादी 2006 में उसके पड़ोसी रिश्तेदार मोहम्मद सबी अहमद से हुई थी। वैवाहिक जीवन अच्छा चल रहा था, जिससे तीन बच्चे हुए।

किस मामले में मांग थे पैसे

बाद में दहेज के लिए प्रताड़ित करने को लेकर विवाद हुआ तो उसे तीन तलाक दे दिया गया। इसे लेकर 4 सितंबर 2015 को पंचायत हुई। लेकिन पंचायत में समझौता न होने पर मैं अपने मायके में रहने लगी। 3 फरवरी 2025 की रात शराब के नशे में मेरा पूर्व पति जबरदस्ती घर में घुस आया और मेरे साथ अमानवीय तरीके से बलात्कार किया। चीख-पुकार सुनकर तनवीर समेत पांच लोग आ गए। लेकिन मुझे बचाने के बजाय ये लोग मेरे पूर्व पति की मदद करने लगे। आवेदन में आरोप लगाया गया था कि जब मैं बेहोश हो गई तो इन लोगों ने मुझे और मेरी मां को पीटा। मेरे 4 साल के बेटे को भी छीन लिया। 22 जुलाई को आवेदन मिलने के बाद नावकोठी थाना प्रभारी ने मामला दर्ज कर जांच की जिम्मेदारी एसआई लीलावती को दी।

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धारा हटाने के लिए आरोपियों से मांगे 20 हजार रुपए

बाद में बच्चा तो मिल गया, लेकिन मामले की जांच चल रही थी। इसी जांच में लीलावती ने धारा हटवाने के लिए आरोपियों से 20 हजार रुपये में सौदा किया था। इसके लिए उसे 5000 रुपये दिए गए थे। आरोपी अभी पैसे देने को तैयार नहीं थे। 4 दिन पहले लीलावती आरोपियों के पास पहुंची। वह और पैसे की बात करने लगी। उसने साफ कह दिया कि सौदा 20 हजार रुपये में हुआ है, आप 5 हजार दे चुके हैं, या तो 20 हजार पूरे करो या अपने 5 हजार वापस ले लो।

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इंस्पेक्टर लीलावती सस्पेंड

आरोपियों ने चुपके से इस बातचीत का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। एसपी ने जैसे ही वीडियो की जांच कराई तो मामला सच निकला। घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। लोगों का कहना है कि एसआई लीलावती न सिर्फ खूब वसूली करती हैं, बल्कि एक बदतमीज इंस्पेक्टर के रूप में भी मशहूर हैं। चर्चा यह भी है कि उक्त मामले में आरोपी तनवीर ने एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ चल रही जांच में बयान दिया था, जिसके चलते तनवीर से मिलीभगत के आरोप में लीलावती को निलंबित कर दिया गया है।