बिहार में BJP ने NDA के खिलाफ चुनाव लड़ रहे 4 बागी नेताओं को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इससे पहले JDU ने भी 16 नेताओं को निकाला था। यह कार्रवाई गठबंधन में अनुशासनहीनता रोकने के लिए की गई है।

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Elections 2025) में NDA गठबंधन के उम्मीदवारों के खिलाफ खड़े होने वाले बागी नेताओं पर अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) द्वारा सामूहिक निष्कासन के बाद, BJP ने भी चार बागी नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। पार्टी ने इस कार्रवाई को पार्टी विरोधी गतिविधि और अनुशासनहीनता का उल्लंघन बताया है।

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बिहार भाजपा ने किन 4 नेताओं को किया पार्टी से बाहर?

पार्टी हाईकमान ने जिन चार प्रमुख नेताओं के खिलाफ यह बड़ा एक्शन लिया है, वे सभी गठबंधन के उम्मीदवारों के खिलाफ निर्दलीय या अन्य दलों से चुनाव लड़ रहे थे। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि NDA गठबंधन के खिलाफ चुनाव लड़ना या काम करना अनुशासनहीनता माना जाता है, जिसके चलते इन सभी नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

  • पवन यादव: कहलगांव विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे मौजूदा विधायक। इन पर पार्टी के फैसले का सीधा उल्लंघन करने का आरोप है।
  • सूर्य भान सिंह: बड़हरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे नेता, जिन्हें 6 साल के लिए बाहर किया गया है।
  • वरुण सिंह: बहादुरगंज विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे हैं।
  • अनूप कुमार श्रीवास्तव: गोपालगंज सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

JDU ने भी की है कार्रवाई 

BJP की यह कार्रवाई तब आई है, जब इससे ठीक पहले JDU ने भी दो दिनों के भीतर अपने 16 बागी नेताओं को पार्टी से निष्कासित किया था। JDU के निष्कासित नेताओं में प्रमुख रूप से विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल, पूर्व विधायक महेश्वर प्रसाद यादव, और पूर्व मंत्री हिमराज सिंह शामिल थे। इसके अलावा, पूर्व मंत्री शैलेश कुमार, पूर्व एमएलसी संजय प्रसाद, पूर्व विधायक श्याम बहादुर सिंह और डॉ. आसमा परवीन जैसे बड़े नाम भी शामिल थे। इस प्रकार, मात्र 48 घंटों के भीतर बिहार में NDA के दोनों प्रमुख दलों ने मिलकर कुल 20 बागी नेताओं पर गाज गिराई है।

सख्त संदेश देने की कोशिश

विश्लेषकों का मानना है कि दोनों दलों द्वारा यह सामूहिक और त्वरित कार्रवाई उन सभी नेताओं को एक सख्त संदेश देने के लिए है, जो गठबंधन धर्म को तोड़कर अपनी व्यक्तिगत महत्वकांक्षाओं के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी हाईकमान चुनाव से पहले किसी भी प्रकार के आंतरिक विद्रोह को बर्दाश्त न करने का स्पष्ट संकेत दे रहा है।

BJP और JDU दोनों ने ही अपने निष्कासन पत्रों में कहा है कि पार्टी के खिलाफ काम करना या गठबंधन के उम्मीदवारों का विरोध करना नियमों का उल्लंघन है, जिसके परिणाम स्वरूप यह कड़ा एक्शन लिया गया है।