बिहार चुनाव 2025 में पहले चरण के नामांकन खत्म, पर महागठबंधन में सीट बंटवारा तय नहीं है। VIP ने उपमुख्यमंत्री पद की मांग की है। वहीं, NDA में भी CM पद पर अमित शाह के बयान से JDU में बेचैनी है, जिससे दोनों गठबंधनों में तनाव दिख रहा है।

पटना: बिहार में पहले चरण के विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने का समय खत्म हो गया है, लेकिन महागठबंधन ने अभी तक सीटों के बंटवारे पर कुछ भी साफ नहीं किया है। इसी बीच, गठबंधन की सहयोगी विकासशील इंसान पार्टी ने उपमुख्यमंत्री पद की मांग सबके सामने रख दी है। वहीं, अमित शाह के इस बयान ने कि एनडीए के सत्ता में आने पर सीएम कौन बनेगा, यह अभी नहीं कहा जा सकता, जेडीयू खेमे में बेचैनी बढ़ा दी है। 

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बिहार में पहले चरण में 121 सीटों पर चुनाव होने हैं, जिनके लिए नामांकन भरने का समय दोपहर तीन बजे खत्म हो गया। इतिहास में पहली बार, महागठबंधन बिना सीटों के बंटवारे का ऐलान किए ही चुनाव में उतर रहा है। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आरजेडी 140, कांग्रेस 60, सभी वामपंथी दल मिलकर 28 और विकासशील इंसान पार्टी 15 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है।

प्रधानमंत्री की मां को गाली देने वाले मोहम्मद नौशाद आलम को कांग्रेस ने जाले सीट से टिकट दिया था, लेकिन आरजेडी के दबाव में बाद में इसे वापस ले लिया। उधर, बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को टिकट देने पर काफी आलोचना हुई, लेकिन आरजेडी इसे वापस लेने को तैयार नहीं हुई। गठबंधन में दरार का संकेत देते हुए विकासशील इंसान पार्टी के नेता मुकेश सहनी ने उपमुख्यमंत्री पद की मांग सार्वजनिक कर दी है। 

नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की बात तो है, लेकिन एक टीवी इंटरव्यू में अमित शाह के इस बयान ने एनडीए में हलचल मचा दी है कि मुख्यमंत्री का फैसला सहयोगी दल मिलकर करेंगे। विपक्ष के इस आरोप के बीच कि चुनाव के बाद बीजेपी, जेडीयू को दूध की मक्खी की तरह निकाल फेंकेगी, अमित शाह ने सीएम उम्मीदवार पर सस्पेंस बनाए रखा है। खबर है कि नीतीश कुमार से मुलाकात के बावजूद अमित शाह ने इस मामले पर अपना मन नहीं खोला है। चिराग पासवान को सीटें दिए जाने से नाराज नीतीश कुमार को मनाने के लिए अमित शाह कल से ही पटना में डेरा डाले हुए हैं।