बिहार में 100 हेक्टेयर में अमरूद की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने की पहल की गई है। इसके तहत किसानों को केला और पपीता की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।  

घर के आंगन की अमरूद की मिठास अब किसानों के खेतों में भी घुलेगी। अमरुद की खेती करने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। इस साल उद्यान विभाग ने जिले में 100 हेक्टेयर में अमरूद के व्यावसायिक खेती की पहल की है। इस अभियान के तहत, केला और पपीता के साथ-साथ अमरूद की खेती को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

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100 हेक्टेयर में अमरूद की खेती

इन फलों की खेती करने वाले किसानों को अनुदान प्रदान किया जाएगा, और इसके साथ ही उन्हें उन्नत खेती के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। अमरूद, पपीता और केला के लिए अलग-अलग अनुदान की राशि निर्धारित की गई है। जिला कृषि पदाधिकारी भूपेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि जिले में पहले चरण में 100 हेक्टेयर में अमरूद की व्यावसायिक खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए सभी प्रखंडों के लिए भी लक्ष्य तय किया गया है।

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किसानों को मिलेगा पौधा

प्रति हेक्टेयर 1,110 अमरूद के पौधे लगाए जाएंगे।

एक पौधे की कीमत 30 रुपये है, जिसे किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराया जाएगा।

पहले साल 90% पौधों के बचने पर ही किसानों को अनुदान मिलेगा।

अनुदान की राशि सीधे किसानों के खाते में भेजी जाएगी।

खेती के लिए दिया जाएगा प्रशिक्षण

किसानों को उन्नत तरीके से अमरूद की खेती करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही, किसानों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यह योजना किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और अमरूद की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।