Bihar Police: बिहार में अब STF न सिर्फ अपराधियों को गिरफ्तार करेगी बल्कि उनकी अवैध संपत्ति भी जब्त की जाएगी। हाई-सिक्योरिटी जेल बनाने की तैयारी। पढ़ें पूरी खबर।

Bihar Police: बिहार सरकार ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। अब अपराधियों को गिरफ्तार कर सिर्फ सजा ही नहीं दिलाया जाएगा, बल्कि उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्ति भी जब्त की जाएगी। एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने यह जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत पेशेवर अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान है। इसके तहत सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों की पहचान कर उनकी अवैध संपत्ति की सूची तैयार करें और मुख्यालय भेजें।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

पुलिस ने तैयार किया अपराधियों का डोजियर

एडीजी ने बताया कि एसटीएफ ने अब तक 3,000 नक्सली या नक्सली गतिविधियों में शामिल अपराधियों का और 4,000 अन्य अपराधियों का डाटाबेस तैयार किया है। इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। कुख्यात अपराधियों का यह डोजियर जिलावार तैयार हो रहा है।

वैशाली और आरा के युवा बन रहे अपराधी गैंग का हिस्सा

एडीजी ने चिंता जताई कि बिहार में वैशाली और आरा जिले के युवा तेजी से अपराध की दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं। इन युवाओं को जेल में बंद माफिया और पुराने अपराधी अपने गैंग में शामिल कर रहे हैं। लूट की वारदातों को अंजाम देने वालों में इन जिलों के युवा ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि पैरेंट्स को सतर्क रहने की जरूरत है।

बिहार में बनेगा हाई सिक्योरिटी जेल

एडीजी कुंदन कृष्णन ने बताया कि बिहार सरकार एक हाई सिक्योरिटी जेल बनाने की योजना पर काम कर रही है। यह हाई सिक्योरिटी जेल वीरान जगह पर होगा, जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं पहुंचेगा। कैदियों की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए हाई-टेक कैमरे लगाए जाएंगे। मुलाकातियों की सख्त जांच होगी और उन पर नजर रखी जाएगी। जेल में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि रोकने के लिए विशेष बल तैनात रहेगा।

पटना और आरा में लूट के मास्टरमाइंड का खुलासा

हाल ही में दानापुर स्थित जीवा ज्वेलरी और आरा के तनिष्क शोरूम में हुई लूट की जांच में यह सामने आया है कि इसके मास्टरमाइंड पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जेल में बंद प्रिंस उर्फ चंदन और शेरू थे। बिहार पुलिस जल्द ही इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। पुलिस को जांच में जेल में बंद अपराधियों के सेल से संदिग्ध इलेक्ट्रिक उपकरण मिले। इनकी मदद से वे बाहरी दुनिया से संपर्क में रहते थे और अपराध को अंजाम देते थे। कई अन्य मामलों में भी जेल में बंद अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है।