Bihar News: बिहार के 702 स्टेशनों पर लगेंगी ऑटोमेटिक टिकट मशीनें! मार्च 2026 तक पूरा होगा काम, लाखों यात्रियों को मिलेगी तत्काल टिकट सेवा। डिजिटल लेनदेन को भी मिलेगा बढ़ावा।

Patna News: बिहार में ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। अब उन्हें जनरल टिकट के लिए रेलवे काउंटर पर लंबी कतार में नहीं लगना पड़ेगा। रेलवे बिहार के 702 बड़े और छोटे स्टेशनों पर ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) लगाने की तैयारी कर रहा है, जिसका काम मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगा। इससे लाखों यात्रियों को तत्काल टिकट सेवा मिलेगी और डिजिटल लेनदेन को भी बढ़ावा मिलेगा।

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डिजिटल टिकटिंग की दिशा में बड़ा कदम

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) सरस्वती चंद्र ने यह जानकारी दी। कहा कि जिन स्टेशनों पर अब तक ये मशीनें नहीं लग पाई हैं, वहां यात्रियों की जरूरत के हिसाब से मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे जनरल टिकट लेने वाले यात्रियों को काफी सुविधा हो रही है। यह सुविधा खासकर लोकल और छोटे रूट पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए काफी फायदेमंद होगी।

सबसे ज्यादा मशीनें दानापुर मंडल में लगेंगी

दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत करीब 40 स्टेशनों पर 100 से ज्यादा मशीनें लगाने की तैयारी है। इस मंडल से रोजाना करीब 5 लाख यात्री सफर करते हैं, जिनका अब समय और मेहनत दोनों बचेगी। फिलहाल पटना जंक्शन पर 10 एटीवीएम मशीनें लगी हैं, जिनमें से एक तकनीकी कारणों से बंद है। अब यहां 5 और मशीनें लगाई जाएंगी, जिससे कुल संख्या 15 हो जाएगी। पटना स्टेशन पर हर दिन करीब 40,000 जनरल टिकट जारी होते हैं।

क्या पहले चरण में इन रेलवे स्टेशनों पर लगेंगी मशीनें?

रेलवे ने चरणबद्ध तरीके से एटीवीएम मशीनें लगाने का काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से लेकर पटना, झाझा और जयनगर तक के सभी बड़े स्टेशनों को इस योजना में शामिल किया गया है। यात्री अब हिंदी या अंग्रेजी में विकल्प चुनकर खुद टिकट निकाल सकेंगे, साथ ही ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा भी मिलेगी। फिलहाल बिहार में 70 से ज्यादा स्टेशनों पर एटीवीएम मशीनें लगाई गई हैं। समस्तीपुर, दरभंगा, रक्सौल, नरकटियागंज, सहरसा, बेतिया और मोतिहारी जैसे प्रमुख स्टेशनों पर 22 मशीनें पहले से ही सक्रिय हैं।

टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में

रेलवे प्रशासन ने बताया कि मशीनों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया 20 जून 2025 तक पूरी कर ली जाएगी। जुलाई से इस मशीन को लगाने का काम शुरू हो जाएगा। सभी रेल मंडलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यात्रियों की संख्या के हिसाब से मशीनों की संख्या तय की जाए।

यह पहल बिहार के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत है। टिकट लेने में समय की बचत के साथ ही रेलवे डिजिटल पेमेंट को भी बढ़ावा दे रहा है। आने वाले समय में यह सुविधा हर स्टेशन पर आम हो जाएगी और यात्रियों को काउंटर पर खड़े होने की जरूरत पुरानी बात हो जाएगी। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। टिकट के लिए घंटों लाइन में लगने की परेशानी खत्म हो जाएगी।