पटना में BPSC अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और पानी की बौछारें कीं। छात्र 70वीं सीसीई परीक्षा के पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा की मांग कर रहे थे और मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे थे।

Lathicharge on BPSC aspirants: राजधानी पटना में रविवार को पुलिस ने बीपीएससी अभ्यर्थियों पर जमकर लाठियां भाजी और इस ठंड में पानी की बौछार से उनको खदेड़ने की कोशिशें की। प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स, सीसीई पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा की मांग कर रहे हैं। अपनी मांग को रखने के लिए स्टूडेंट गांधी मैदान से निकलकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने के लिए उनके आवास की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उनको रोका तो उग्र युवा बैरिकेड्स पार करते हुए आगे बढ़ने लगे। जेपी गोलंबर पहुंचने पर पुलिस ने वॉटर कैनन से बौछार कर रोकने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मानें तो जमकर अपनी लाठियां उन पर चटकाई। इस लाठीचार्ज में दर्जनों स्टूडेंट्स घायल हो गए। पटना की सड़कों पर लावारिस पड़े पर्स, पेन, मफलर, चप्पल, जूतें पुलिसिया बर्बरता की कहानी कह रहे।

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21 नामजद और 600 अज्ञात पर केस दर्ज

उधर, इस प्रदर्शन के खिलाफ पटना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया है। प्रशांत किशोर, मनोज भारती, निखिल मणि त्रिपाठी, सुभाष ठाकुर, शुभम स्नेहिल, प्रशांत किशोर के दो बाउंसर, आनंद मिश्रा, राकेश कुमार मिश्रा, विष्णु कुमार, सुजीत कुमार सहित 21 नामजद और 600 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

दरअसल, 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (सीसीई) का पेपर लीक होने के बाद हजारों की संख्या में अभ्यर्थी दोबरा एग्जाम की मांग कर रहे हैं। पटना के गांधी मैदान में करीब दस दिनों से धरना चल रहा है। स्टूडेंट्स रविवार को गांधी मैदान से सड़कों पर आकर धरना देने लगे। गुस्साए युवा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास की ओर मार्च करने के लिए पुलिस से अनुमति मांग रहे थे क्योंकि पुलिस ने अनुमति देने की बजाय बैरिकेड्स लगाकर उनको रोक दिया था। युवाओं का सब्र जवाब दे गया और वे बैरिकेड्स को तोड़ते हुए आगे बढ़ने लगे। इसके बाद मामला बिगड़ गया।

प्रशांत किशोर के जाने के बाद लाठीचार्ज

रविवार को छात्रों के विरोध प्रदर्शन में जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर भी पहुंचे थे। गांधी मैदान से जेपी गोलंबर तक वह छात्रों के साथ ही चले। जेपी गोलंबर पर पुलिस के रोके जाने के बाद छात्र धरना पर बैठ गए। उधर, प्रशांत किशोर ने ऐलान कर दिया कि पांच स्टूडेंट मुख्य सचिव से जाकर मिले और अपनी बात रखेंगे। किशोर ने कहा कि अगर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो छात्र अगले दिन फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू कर देंगे। लेकिन स्टूडेंट्स ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। इसके बाद प्रशांत किशोर वापस लौट आए।

उधर, किशोर के जाने के बाद पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया। छात्रों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने जमकर लाठियां चलायी और वॉटर कैनन का प्रयोग किया। पुलिस ने इस सप्ताह के प्रारंभ में भी अभ्यर्थियों पर उस समय लाठीचार्ज किया था जब वे बीपीएससी ऑफिस में एंट्री की कोशिश कर रहे थे।

आयोग ने परीक्षा रद्द करने से कर दिया है इनकार

बीपीएसपी के एग्जाम कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को ही सीसीई परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्य परीक्षा अप्रैल में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी और उम्मीदवारों को विरोध करने के बजाय अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। सिंह ने दावा किया कि परीक्षा पारदर्शिता के साथ आयोजित की गई थी। केवल उम्मीदवारों का एक छोटा वर्ग विरोध कर रहा था। परीक्षार्थियों के आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं है।

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