BPSC अभ्यर्थियों पर पटना में पुलिस ने लाठीचार्ज किया और वॉटर कैनन का प्रयोग किया। मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे छात्रों को पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद प्रदर्शन उग्र हो गया।

BPSC Students Lathicharge: बीपीएससी अभ्यर्थियों पर रविवारर को पटना में पुलिस ने जमकर लाठियां चटकाईं। वॉटर कैनन से ठंडे पानी की बौछार कर उनको धरना से भगाया। युवा, दस दिनों से सीसीई पेपर लीक के बाद फिर से परीक्षा की मांग को लेकर धरना दे रहे थे और रविवार को उनका सब्र जवाब दे गया तो वह सड़कों पर उतर आए थे। हजारों की संख्या में आंदोलित छात्रों को सड़कों से हटाने के लिए पुलिस ने खूब बल प्रयोग किया।

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गांधी मैदान में धरना दे रहे छात्र रविवार को अपनी मांग को रखने के लिए वहां से निकलकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने के लिए उनके आवास की ओर बढ़ रहे थे। 

लेकिन पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उनको रोका तो उग्र युवा बैरिकेड्स पार करते हुए आगे बढ़ने लगे। उनके साथ जनसुराज पार्टी के प्रशांत किशोर भी थे।

जेपी गोलंबर पहुंचने पर पुलिस ने फिर आगे बढ़ने से रोका लेकिन छात्र पीछे हटने की बजाय धरना पर बैठ गए। 

यहां प्रशांत किशोर ने यह सुझाव दिया कि पांच छात्रों का प्रतिनिधिमंडल मुख्य सचिव से मिलने जाएगा। अगर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो छात्र अगले दिन फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू कर देंगे। लेकिन स्टूडेंट्स ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। इसके बाद प्रशांत किशोर वापस लौट आए।

इसके बाद पुलिस ने धरनारत स्टूडेंट्स को हटाने की कोशिश करते हुए बल प्रयोग करना शुरू कर दिया। पुलिस ने वॉटर कैनन से पानी की बौछार भी की। इसके बाद धरनारत स्टूडेंट्स को घेरकर लाठियां बरसाना शुरू कर दिया।

बीपीएसपी के एग्जाम कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को ही सीसीई परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्य परीक्षा अप्रैल में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी और उम्मीदवारों को विरोध करने के बजाय अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। सिंह ने दावा किया कि परीक्षा पारदर्शिता के साथ आयोजित की गई थी। केवल उम्मीदवारों का एक छोटा वर्ग विरोध कर रहा था। परीक्षार्थियों के आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं है।

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