'लैंड फॉर जॉब' घोटाले में लालू परिवार समेत अन्य आरोपियों पर फैसला 13 अक्टूबर 2025 को आएगा। यह मामला रेलवे में नौकरी के बदले जमीन लेने से जुड़ा है। इस फैसले का असर 2025 बिहार विधानसभा चुनाव पर पड़ सकता है।

पटनाः बिहार की राजनीति में लंबे समय से सुर्खियों में रहने वाला ‘लैंड फॉर जॉब’ घोटाला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले का फैसला सुनाने की तारीख 13 अक्टूबर 2025 तय कर दी है। इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सहित अन्य आरोपी शामिल हैं।

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कोर्ट ने सभी आरोपियों को निर्णय के दिन व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। इससे पहले इस मामले में 24 सितंबर को फैसला सुनाया जाना था, लेकिन अदालत ने कार्यवाही स्थगित कर नई तारीख 13 अक्टूबर घोषित की।

‘लैंड फॉर जॉब’ घोटाला क्या है?

‘लैंड फॉर जॉब’ घोटाला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 तक केंद्र में रेल मंत्री थे। आरोप है कि इस दौरान रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियों देने के बदले कई लोगों से संपत्तियाँ और ज़मीनें अपने या परिवार के नाम ट्रांसफर करवाई गईं। सीबीआई की जांच में पाया गया कि यह जमीनें बाज़ार दर से बेहद कम कीमत पर ली गई थीं, जो कथित रूप से भ्रष्टाचार और सत्ता का दुरुपयोग दर्शाती हैं।

चुनाव से पहले फैसला?

इस मामले का फैसला ऐसे समय पर आ रहा है जब बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि अगर फैसला आरोपियों के खिलाफ जाता है, तो इसका महागठबंधन और विशेष रूप से राजद पर सीधा असर पड़ सकता है। वहीं, अगर फैसला पक्ष में आता है, तो इसे चुनावी रणनीति में लाभ के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

राजनीतिक हलकों में कहा जा रहा है कि यह मामला बिहार की सियासत में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। लालू परिवार के प्रति जनता और गठबंधन सहयोगियों की प्रतिक्रिया आगामी महीनों में चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।

कोर्ट की प्रक्रिया

कोर्ट की कार्यवाही 13 अक्टूबर को दोपहर दो बजे शुरू होगी और फैसले की घोषणा ढाई बजे तक होने की संभावना है। सीबीआई की विशेष अदालत में न्यायाधीश विशाल गोगने मामले की सुनवाई करेंगे। सभी आरोपी और उनके वकील इस दिन अदालत में मौजूद रहेंगे, जिससे यह केस निर्णायक मोड़ पर पहुँच जाएगा।