राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के खिलाफ सारण लोकसभा सीट से खुद लालू यादव चुनावी मैदान में उतर गए हैं। चौकिए नहीं यह उनके पिता नहीं, बल्कि दूसरे लालू यादव हैं, जिन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया है।

पटना. बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम रहे तेजस्वी यादव की बहन रोहणी आचार्य सारण से लोकसभा चुनाव लड़ रही हैं। अब रोहणी के सामने खुद लालू प्रसाद यादव चुनाव लड़ रहे हैं। यह वही लाल यादव जो इससे पहले पार्षद से लेकर राष्ट्रपति पद तक के चुनाव लड़ चुके हैं। अब सारण सीट बिहार की सबसे हॉट सीट बन गई है।

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विधायक से लेकर सांसद-महापौर और राष्ट्रपति का इलेक्शन लड़ चुके

दरअसल, रोहिणी आचार्य के खिलाफ जो लालू यादव चुनाव मैदान में उतर गए हैं। वह उनके पिता लाल प्रसाद यादव नहीं हैं। यह दूसरे लाल यादव हैं, जिन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया है। बस दोनों के नाम एक जैसे हैं। इनकी सबसे बड़ी पहचान यही है कि उनका नाम लाल यादव से मिलता-जुलता है। बिहार के लोगों के लिए उनका नाम नया नहीं है। वह एक ऐसे शख्स हैं जो विधायक से लेकर सांसद-महापौर और प्रिसीडेंट का इलेक्शन लड़ चुके हैं। सभी चुनावों में इन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया था। हालांकि उनको जीत एक में भी नहीं मिली।

परिवार में भी लालू यादव की तरह

लालू प्रसाद यादव से इनकी तुलना सिर्फ राजनीति में ही नहीं की जाती, बल्कि परिवार के मामले में यह उनसे कम नहीं हैं। जिस तरह राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की 7 बेटियां और 2 बेटे है। ठीक उसी तरह दूसरे लालू के भी 5 बेटे और दो बेटियां हैं। इतना ही नहीं इनका बोलने का स्टाइल भी एक दम राजद सुप्रीमों की तरह ही है। बता दें कि दूसरे लालू यादव की हौसले के सलाम है, वह चुनाव हारने के बाद भी पूरी ताकत से अगला इलेक्शन लड़ते हैं। जब उनसे पूछा कि आप कब तक चुनाव लड़ोगे तो उनका कहना है कि जब तक वो जीत नहीं जाते तब तक लड़ते रहेंगे। क्योंकि चुनाव नहीं लड़ने की कोई उम्र तो फिक्स है ही नहीं।