बिहार के गोपालगंज से ऐसी खबर आई है। जिसे सुनकर विश्वास नहीं होता। पर यह सच है। पहले मॉं ने बेटे की पिटाई की। उसी समय उसके पिता भी घर पहुंच गए। वह शराब के नशे में थे। उन्होंने भी अपने बेटे की पिटाई की।

गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज से ऐसी खबर आई है। जिसे सुनकर विश्वास नहीं होता। पर यह सच है। पहले मॉं ने बेटे की पिटाई की। उसी समय उसके पिता भी घर पहुंच गए। वह शराब के नशे में थे। उन्होंने भी अपने बेटे की पिटाई की और शराब के नशे में उसके गले में रस्सी का फंदा लपेट दिया। गले में लगी रस्सी जोर से खिंच गई और बच्चे की मौत हो गई। फिर अपना जुर्म छिपाने के लिए बच्चे की लाश को पोखरे में फेंक आए और थाने गुमशुदगी की रिपोर्ट ​दर्ज कराने पहुंच गए।

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ऐसे सजा बन गई मौत

जानकारी के अनुसार, एकडेरवा के रहने वाले शंभू सिंह और छोटी देवी का 12 वर्षीय पुत्र शिवम थोड़ा शरारती था। बच्चों की बीच मारपीट को लेकर उसकी मॉं ने बीती 19 मार्च को शिवम की पिटाई की। उसी दरम्यान उसके पिता भी शराब के नशे में घर लौटें। उन्होंने भी अपने बेटे की पिटाई की, उसे डराया भी और इसी मकसद से रस्सी का फंदा उसके गले में डाल दिया। धक्का-मुक्की में रस्सी का फंदा ज्यादा खींच गया और इसकी वजह से शिवम की मौके पर ही मौत हो गई। बेटे की मौत के बाद मॉं—बाप के होश उड़ गए। अपना अपराध छिपाने के लिए उन्होंने शव को एक पोखरे में ठिकाने लगा दिया और दिखावा करते हुए बेटे की तलाश में जुट गए। 20 मार्च को उन लोगों ने अपने बेटे के गायब होने का केस भी पुलिस में दर्ज कराया।

पूछताछ में सच सामने आ गया

छात्र शिवम का शव 21 मार्च को गांव में स्थित पोखरे के किनारे मिला। कीचड़ से सने शव के गले पर दोनों तरफ गहरा जख्म था। पुलिस ने जांच शुरु की तो उन्हें बच्चे के पैरेंट्स पर शक हुआ और इसी आधार पर उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में सच सामने आ गया।

पिता ने स्वीकारा, कर दी हत्या

पिता ने अपराध स्वीकारते हुए कहा कि उसने बेटे को डराने के लिए उसके गले में रस्सी का फंदा डाला था। शिवम की मौत के बाद उन्हें फंसने का डर था। इसी वजह से भयभीत होकर उन लोगों ने अपने बेटे की लाश को ठिकाने लगा दिया और बच्चे को तलाशने का उपक्रम करने लगे। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई रस्सी बरामद कर ली है।