2025 बिहार चुनाव से पहले कांग्रेस पटना में ऐतिहासिक CWC बैठक कर रही है। इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए ख़रगे, सोनिया, राहुल समेत 170+ नेता पटना में जूते हैं। जहां भाजपा के खिलाफ रणनीति और संगठन की मजबूती पर चर्चा होगी। 

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले पटना बुधवार को राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बनने जा रहा है। आज़ादी के बाद पहली बार पटना में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की ऐतिहासिक बैठक आयोजित हो रही है। इसे केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि कांग्रेस का बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत 170 से अधिक दिग्गज नेता और तीन राज्य के मुख्यमंत्री शामिल हो रहे हैं।

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सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलने वाली इस बैठक में संगठन की मजबूती, भाजपा की नीतियों के खिलाफ रणनीति और बिहार में महागठबंधन के साथ तालमेल को लेकर गहन चर्चा होगी। बैठक के लिए स्थल चुना गया सदाकत आश्रम, जो खुद स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कांग्रेस की ऐतिहासिक गतिविधियों का गवाह रहा है और यह बिहार कांग्रेस का मुख्यालय भी है।

कांग्रेस का बिहार पर फोकस

कांग्रेस को भरोसा है कि यह बैठक 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा संदेश देने का काम करेगी। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने दावा किया कि इस बैठक से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा और जनता को भाजपा का विकल्प स्पष्ट रूप से नज़र आएगा।

ऐतिहासिक अंदाज़ में हो रहा आयोजन

बैठक को लेकर पटना को कांग्रेस रंग में रंग दिया गया। सदाकत आश्रम में 30,000 स्क्वायर फीट का एयरकंडीशन्ड जर्मन हैंगर टेंट लगाया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलक दिखाने वाली पेंटिंग्स, कोलकाता से मंगाए गए झूमर और डिजिटल लाइटिंग ने माहौल को भव्य बना दिया। नेताओं और प्रतिनिधियों के लिए पटना के बड़े होटलों में 175 कमरे आरक्षित किए गए, जबकि पूरे शहर में 300 से अधिक कमरे बुक किए गए।

राहुल गांधी के लिए लिट्टी चोखा

नवरात्र चलने के कारण बैठक का मेन्यू पूरी तरह शाकाहारी रखा गया है। खास बात यह है कि राहुल गांधी के लिए बिहार का पारंपरिक व्यंजन लिट्टी-चोखा विशेष रूप से तैयार कराया गया है। इसके अलावा मेन्यू में और भी कई प्राकार के बिहार व्यंजनों को शामिल किया गया है।

इतिहास की पुनरावृत्ति

यह बैठक कांग्रेस के लिए सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि इतिहास की पुनरावृत्ति भी है। 1912, 1922 और 1940 में भी पटना कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठकों का गवाह बना था। महात्मा गांधी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और जवाहरलाल नेहरू ने यहां से आजादी की लड़ाई की रणनीति बनाई थी। अब उसी धरती से कांग्रेस ने भाजपा और एनडीए को चुनौती देने का बिगुल बजा दिया है। कुल मिलाकर, पटना में कांग्रेस की CWC बैठक ने साफ कर दिया कि पार्टी 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी ताक़त से मैदान में उतर चुकी है।