बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले जन सुराज पार्टी नवरात्र पर अपने प्रत्याशियों की फाइनल लिस्ट जारी करेगी। सबसे बड़ा सस्पेंस यही है कि क्या प्रशांत किशोर खुद चुनाव लड़ेंगे या केवल स्टार प्रचारक बनेंगे। जानिए जन सुराज की रणनीति और PK के फैसले का असर।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने अपनी रणनीति साफ कर दी है। पार्टी 22 सितंबर से शुरू हो रहे नवरात्र के आसपास अपने प्रत्याशियों की फाइनल लिस्ट जारी कर देगी। जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने पुष्टि की कि पार्टी सभी 243 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या खुद प्रशांत किशोर चुनाव लड़ेंगे या नहीं?

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नवरात्र तक कैंडिडेट लिस्ट की तैयारी

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने बताया कि जन सुराज ने जनवरी 2025 से ही चुनावी तैयारी शुरू कर दी थी। 2 से 22 अगस्त के बीच प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया का पहला चरण पूरा हो गया है। अब नवरात्र के पावन अवसर पर पार्टी अपने अंतिम उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करेगी। इस प्रक्रिया में पार्टी की कमजोरी और मजबूती का पता चल गया है। अब हम पंचायत और प्रखंड स्तर से भी लोगों से बात कर प्रत्याशी चयन पर फीडबैक ले रहे हैं।

प्रशांत किशोर का सस्पेंस: लड़ेंगे या नहीं?

सबसे बड़ी चर्चा इस बात की है कि क्या प्रशांत किशोर व्यक्तिगत रूप से चुनाव लड़ेंगे? उदय सिंह ने इस पर एक दिलचस्प जवाब दिया। उन्होंने कहा, "प्रशांत किशोर कहां से लड़ेंगे, यह सवाल नहीं है। बल्कि लड़ेंगे या नहीं, यह जन सुराज के लिए बड़ा सवाल है।" उदय सिंह ने बताया कि प्रशांत किशोर पार्टी के सूत्रधार और सबसे प्रमुख चेहरे हैं। अगर पीके को चुनाव लड़ना पड़ा तो किसी एक क्षेत्र में कुछ दिनों के लिए बंध जाना पड़ेगा। इस पर पार्टी सोच-विचार कर निर्णय लेगी। यह दुविधा समझी जा सकती है। यदि प्रशांत किशोर एक सीट से चुनाव लड़ते हैं तो वे स्टार प्रचारक के रूप में बाकी 242 सीटों पर जाकर प्रचार नहीं कर पाएंगे।

प्रशांत किशोर के पिछले संकेत

हाल ही में प्रशांत किशोर ने चुनाव लड़ने के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि वे रोहतास जिले की करगहर सीट या तेजस्वी यादव की राघोपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। पीके ने यह भी कहा था कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुनावी मैदान में उतरते, तो वे उनके खिलाफ भी चुनाव लड़ते। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि "मैं पार्टी से ऊपर नहीं हूं। मेरे चुनाव लड़ने पर पार्टी ही फैसला करेगी।"

कैंडिडेट सिलेक्शन की प्रक्रिया

उदय सिंह ने बताया कि टिकट उन्हीं लोगों को मिलेगा, जिन्होंने संगठन को खड़ा करने में योगदान दिया है। हालांकि, कुछ अपवाद भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जन सुराज पार्टी से प्रभावित होकर नए-नए लोग भी आ रहे हैं, लेकिन प्राथमिकता उन कार्यकर्ताओं को मिलेगी जो शुरू से पार्टी के साथ हैं। उदय सिंह ने कहा, 'हमें कई अच्छे लोगों में से एक का चयन करना है। इसलिए समय लग रहा है।' पार्टी अब पंचायत और प्रखंड स्तर से भी फीडबैक ले रही है ताकि सबसे बेहतर उम्मीदवार चुने जा सकें।

243 सीटों पर अकेले लड़ाई का दांव

जन सुराज पार्टी ने साफ़ कर दिया है कि वह किसी भी दल से गठबंधन नहीं करेगी। यह बिहार की पारंपरिक गठबंधन राजनीति के विपरीत एक साहसिक रणनीति है। ऐसे में, नई पार्टी के लिए सभी सीटों पर प्रभावी उम्मीदवार उतारना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। वहीं दूसरी ओर, उसे गठबंधन की राजनीति से नाराज़ मतदाताओं का समर्थन भी मिल सकता है।