बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने राहुल गांधी के बयानों पर पलटवार किया है। राहुल द्वारा पीएम मोदी को 'डरपोक' कहने पर तिवारी ने उन्हें 'पाकिस्तान का प्रवक्ता' बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वोट के लिए जनता के सामने झुकना गर्व की बात है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जारी सियासी सरगर्मी के बीच, बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयानों पर तीखा पलटवार किया है। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को 'डरपोक' और 'वोट के लिए नाचने वाला' कहा था, जिस पर मनोज तिवारी ने उन्हें पाकिस्तान का प्रवक्ता बताया।

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"राहुल गांधी भारत के विरोधी के प्रवक्ता"

बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर पीएम मोदी को 'डरपोक' कहे जाने पर राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की। मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी हमेशा भारत के विरोधी के रूप में बात करते हैं।

तिवारी ने कहा, "राहुल गांधी पाकिस्तान के प्रवक्ता के रूप में बात करते हैं। उन्होंने कभी भारत के प्रवक्ता के रूप में बात नहीं की। भारत के विरोधी के जो प्रवक्ता बनेंगे, वह इसी तरह की बात करते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी भारत के लोगों और भारतीय सेना का अपमान करने वाले हैं।

चीन बॉर्डर पर हुई झड़पों का जिक्र करते हुए तिवारी ने कहा कि चीन के लोग पहले आगे बढ़ गए थे, लेकिन पीएम मोदी की दृढ़ता के कारण उन्हें पीछे हटना पड़ा। उन्होंने कहा, "ट्रंप को भी नरेंद्र मोदी ने अपना सीधा संदेश दिया था कि आँख दिखाएगा तो हम डरने वाले नहीं हैं।"

वोट के लिए झुकने में कोई शर्म नहीं

राहुल गांधी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी वोट के लिए नाच भी सकते हैं, मनोज तिवारी ने जवाब दिया कि लोकतंत्र में जनता से प्रार्थना करना और उनके सामने झुकना गर्व की बात है।

उन्होंने कहा, "वोट और लोकतंत्र के लिए हमें जनता से प्रार्थना करना चाहिए। राहुल गांधी अहंकार के कारण इस तरह की बात बोल रहे हैं।" मनोज तिवारी ने जोर देकर कहा कि नरेंद्र मोदी जनता के प्रधान सेवक हैं और जनता के सामने झुकने या विनती करने में उन्हें कोई शर्म नहीं है। इसके साथ ही, तिवारी ने राहुल गांधी पर सनातन और भगवान भोलेनाथ का अपमान करने का भी आरोप लगाया।

बंगाल में SIR विरोध पर पलटवार

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा SIR कानून का विरोध किए जाने पर मनोज तिवारी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के कानून को लागू करने में गुंडागर्दी और दादागिरी नहीं चलेगी।

तिवारी ने कहा, "जो लोग मर गए हैं या जो अवैध घुसपैठिए हैं, उनका नाम (मतदाता सूची या अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड में) नहीं होना चाहिए। कानून को लागू करने में कोई गुंडागर्दी या दादागिरी की बात करेगा तो चुनाव आयोग उसके लिए काफी है।"