राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को PFI के गजवा-ए-हिंद वाले टेरर मॉड्यूल के आरोपी मो. रियाज की 8 महीने से तलाश है। NIA ने उसे दबोचने के लिए कई बार छापेमारी की। पर हर बार वह NIA की आंखों में धूल झोंक कर फरार हो जाता है।

पटना। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को PFI के गजवा-ए-हिंद वाले टेरर मॉड्यूल के आरोपी मो. रियाज की 8 महीने से तलाश है। NIA ने उसे दबोचने के लिए कई बार छापेमारी की। पर हर बार वह NIA की आंखों में धूल झोंक कर फरार हो जाता है। अब वही आरोपी अपने गांव में पड़ोसी पर तलवार भांजते हुए CCTV में कैद हुआ है। बताया जा रहा है कि गांव में उसकी दबंगई बदस्तूर जारी है। उसने जमीन कब्जा करने के लिए अपने पड़ोसी के पैरों पर तलवार से हमला कर दिया। पीड़ित को हाजीपुर के सदर अस्पताल में इलाज के लिए एडमिट कराया गया है। 

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NIA कई बार कर चुकी है छापेमारी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी मो. रियाज पटना के फुलवारीशरीफ में Pfi Terror Module से जुड़े गजवा-ए-हिंद वाले टेरर मॉड्यूल में नामजद है। NIA उसकी धरपकड़ के लिए कई बार छापेमारी भी कर चुकी है, पर वह जांच एजेंसी की पकड़ में नहीं आता है। बताया जा रहा है कि जब भी NIA उसकी धरपकड़ के लिए गांव का रूख करती है। उसे यह सूचना प्राप्त हो जाती है और वह फरार हो जाता है। इसको लेकर स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। NIA का आरोपी बेखौफ गांव में रहकर दबंगई कर रहा है। जमीन कब्जाने के लिए पड़ोसी तक को नहीं बख्श रहा है। गांव वाले भी उसकी करतूतों से परेशान हैं। वही, अब कटहरा ओपी क्षेत्र के तालसेहान गांव में CCTV फुटेज में पड़ोसी पर तलवार से हमला करते हुए दिख रहा है, जबकि इस टेरर मॉड्यूल के कई आरोपियों को अरेस्ट कर NIA उनसे पूछताछ भी कर चुकी है।

उसकी दबंगई से डरते हैं गांव वाले

बताया जा रहा है कि यह घटना 5 अप्रैल की है। पीड़ित मो. फारूख का कहना है कि आरोपी से गांव के लोग डरते हैं। यहां भी उसकी संदिग्ध गतिविधियां देखी गई हैं। वह ज्यादातर समय गांव में ही बिताता है। आरोपी उसकी जमीन पर अपनी गाड़ी पार्क करना चाहता था, क्योंकि पीड़ित की जमीन से ही आरोपी के घर आने जाने का रास्ता है। इसलिए वह उसकी जमीन कब्जाना चाहता है। उसने इसी का विरोध किया तो तलवार लेकर टूट पड़ा। उसके पैरों पर तलवार चला दिया। लोहे की रॉड से भी मारपीट की।

केस दर्ज, पुलिस की पकड़ से भी दूर

बहरहाल, घटना सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस ने केस दर्ज किया है। पर वह अब तक पुलिस की पकड़ में भी नहीं आया है। वारदात से पहले मो. फारूख ने एसडीओ यहां जान के खतरे की आशंका भी जताई थी। पर उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।