इश्क में पड़ी एक मॉं अपने छह बच्चों को छोड़कर प्रेमी संग फरार हो गई। बच्चों के लालन पालन के लिए पति की कमाई से जुटाए गए पैसे और जेवर भी साथ ले गई।

रोहतास। कहते हैं कि मॉं का दर्जा भगवान से भी ऊपर होता है। अपने बच्चों का दर्द मॉं को सहन नहीं होता। पर इश्क में पड़ी एक मॉं के लिए इसके कोई मायने नहीं थे। वह अपने छह बच्चों को छोड़कर प्रेमी संग फरार हो गई। बच्चों के लालन पालन के लिए पति की कमाई से जुटाए गए पैसे और जेवर भी साथ ले गई। पति ने पहले पत्नी के लौटने का इंतजार किया। पर जब वह वापस नहीं आयी तो अब थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

चार साल से घर नहीं आया था पति

यह मामला डालमियानगर इलाके के राजवरवा बीघा का है। पति दीपन राम चेन्नई की एक पेट्रोलियम कंपनी में काम करते हैं। पिछले चार साल से वह घर नहीं आ सके थे। पर वह हर माह बच्चों के पालन पोषण के लिए जरुरी पैसे अपनी पत्नी के पास भेजते थे। पति का कहना है कि इस दौरान उसने लाखों रुपए बच्चों के लिए बैंक खाते में डाले। पर पिछली 27 जनवरी को उनकी पत्नी मुन्नी देवी रुपये व जेवर लेकर फरार हो गईं। उन्होंने अपने छह बच्चों का भी मोह नहीं किया। छह बच्चों में पांच बेटे व एक बेटी है।

इंतजार के बाद भी वापस नहीं आयी तो कराई एफआईआर

दीपन राम का कहना है कि उसने काफी दिनों तक अपनी पत्नी के वापस आने का इंतजार किया। उम्मीद थी कि जब उसे अपने बच्चों की फिक्र होगी तो वह वापस आ जाएगी। पर ऐसा नहीं हुआ। अंत में निराश होकर थाने में पत्नी द्वारा कीमती सामान और 37 हजार रुपये कैश लेकर किसी पहचान वाले के साथ भागने की ​प्राथमिकी दर्ज करायी है।

बैंक खाता लॉक कराने का आग्रह

नासरीगंज पुलिस का कहना है कि इस प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। आवेदन में दीपन राम ने बैंक खाते को लॉक कराने की भी मांग की है। फरार महिला बैंक से पैसा न निकाल सके, इसलिए बैंक मैनेजर से भी सम्पर्क किया गया है। शिकायतकर्ता पहले डा​लमियानगर थाना क्षेत्र में निवास करते थे। पर अब यह नासरीगंज थाना क्षेत्र में रहते हैं। संबंधित थानाध्यक्ष से बात करके कार्रवाई का आग्रह किया गया है।