बिहार चुनाव 2025 हेतु तेजस्वी यादव ने 'बिहारी बनाम बाहरी' का मुद्दा उठाया है। उनका दावा है कि BJP नीतीश को हटाकर अपना CM बनाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार को कोई बाहरी नहीं, बल्कि बिहारी ही चलाएगा।

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की रणभूमि में एक बार फिर 'बाहरी बनाम बिहारी' का मुद्दा उछालकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने NDA गठबंधन को घेरने की नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। शुक्रवार को सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, पूर्व उप मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला।

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तेजस्वी ने स्पष्ट रूप से कहा कि महागठबंधन ने तो अपने सीएम चेहरे (तेजस्वी यादव) का खुलासा कर दिया है, लेकिन NDA ऐसा नहीं कर रही है। उनका दावा है कि इसका सीधा कारण यह है कि चुनाव के बाद BJP नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी, बल्कि अपनी पसंद का मुख्यमंत्री बनाएगी। तेजस्वी ने सीधे अमित शाह और BJP नेतृत्व पर निशाना साधते हुए चेतावनी दी, "मैं एक बात फिर से साफ कर देता हूं कि बिहार को बिहारी ही चलाएगा, कोई बाहरी नहीं। हम बिहारी डरने वाले नहीं हैं।"

'चाचा' नीतीश पर नरमी और बीजेपी पर 'हाइजैक' का आरोप

तेजस्वी यादव की इस रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति उनकी नरमी है। अपने भाषणों में उन्होंने नीतीश कुमार पर सीधे हमला करने के बजाय, उन्हें 'बीस साल में पलायन न रोक पाने' के लिए घेरते हुए भी उन पर एक भावनात्मक दांव खेला। तेजस्वी ने कहा कि BJP ने उनके "चाचा नीतीश कुमार" को हाइजैक कर लिया है और उनके साथ नाइंसाफी की जा रही है।

उनका आरोप है कि BJP चुनाव के बाद उनकी जगह अपना मुख्यमंत्री थोपेगी, जिसका संकेत गृह मंत्री अमित शाह खुद दे चुके हैं। उन्होंने कहा, "अमित शाह ने कई बार कहा है कि चुनाव के बाद सीएम तय करेंगे। एक बात तय है कि नीतीश जी अब मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे।" इस बयान के पीछे तेजस्वी की गहरी सियासी चाल है: नीतीश के प्रति नरम रुख अपनाकर, वह जनता दल (यूनाइटेड) के उन वोटरों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें लगता है कि BJP शीर्ष नेतृत्व का अपमान कर रही है, साथ ही 'बिहारी अस्मिता' की भावना को भी जगाया जा सके।

नए बिहार का संकल्प और 'पक्की जुबान' का वादा

सियासी दांव के साथ-साथ तेजस्वी यादव ने विकास के मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बीस साल में भी बिहार से पलायन नहीं रोक पाए, लेकिन अगर महागठबंधन की सरकार आती है तो "नया बिहार बनाएंगे।" युवाओं को साधते हुए उन्होंने अपनी कम उम्र पर गर्व व्यक्त किया, लेकिन साथ ही कहा, "मेरी उम्र भले ही कच्ची है, लेकिन जुबान पक्की है।"

तेजस्वी ने अपने घोषणापत्र के मुख्य एजेंडे - भ्रष्टाचार मुक्त बिहार, रोजगार और आर्थिक न्याय - पर जोर दिया। 'बिहारी बनाम बाहरी' का मुद्दा उछालकर तेजस्वी ने NDA के भीतर चल रहे CM चेहरे के संशय को उजागर करने की कोशिश की है। यह रणनीति न केवल BJP को रक्षात्मक होने पर मजबूर करती है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करती है कि चुनाव का विमर्श स्थानीय गर्व और बिहार के नेतृत्व पर केंद्रित रहे, जिससे NDA की राष्ट्रीय पहचान कुछ हद तक कमजोर हो सके।