'बिहार अधिकार यात्रा' के दौरान तेजस्वी यादव ने खगड़िया में एक 9 वर्षीय बच्चे को अपने हेलिकॉप्टर में बैठाया। उन्होंने बच्चे को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और पेन एवं बिस्किट भी दिया। इसका वीडियो वायरल हो रहा है। 

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार ‘बिहार अधिकार यात्रा’ पर निकले हुए हैं। हर जिले में आम लोगों से मुलाकात और संवाद के बीच उनका एक अलग अंदाज़ सामने आया है, जो अब चर्चा का विषय बन चुका है। खगड़िया दौरे के दौरान लौटते समय तेजस्वी यादव ने एक 9 वर्षीय बच्चे को अपने हेलिकॉप्टर में बैठाया और उससे दिलचस्प बातचीत की। इस मुलाकात ने राजनीति और सोशल मीडिया दोनों में हलचल पैदा कर दी है।

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बच्चे को दिया पेन और बिस्किट

तेजस्वी यादव ने हेलिकॉप्टर में बच्चे संतोष कुमार को अपने पास बिठाया। उन्होंने बच्चे को बिस्किट खिलाया, चॉकलेट और चिप्स भी दिए और साथ ही एक पेन भेंट करते हुए कहा कि “अच्छे से खाना खाओ और पढ़ाई पर ध्यान दो।” संतोष ने खुशी जताई और कहा कि वह रोज़ इसी पेन से लिखेगा। बातचीत के दौरान जब बच्चे से पूछा गया कि बड़े होकर नौकरी कौन देगा, तो उसने तुरंत जवाब दिया तेजस्वी। बच्चे की इस मासूम प्रतिक्रिया पर हेलिकॉप्टर के अंदर ठहाके गूंज उठे। वहीं, बाहर भीड़ ने तेजस्वी यादव जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए।

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भावुक हुआ बच्चा

हेलिकॉप्टर से उतरने के बाद संतोष ने कहा कि यह उसके जीवन का पहला अनुभव था। उसने कहा, “पहली बार हेलिकॉप्टर में बैठा, तेजस्वी जी से मिला, बहुत अच्छा लगा। यही इस बार मुख्यमंत्री बनेंगे।” बच्चे की यह बात तुरंत वायरल हो गई और सोशल मीडिया पर समर्थक इसे तेजस्वी के लिए जनता का आशीर्वाद बता रहे हैं।

सियासत में ‘तेजस्वी ब्रांड पॉलिटिक्स’ की चर्चा

राजद के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए गए। कैप्शन में लिखा गया, "गढ़ूँगा नया बिहार, एक बार अवसर दीजिए, नौकरी, रोजगार और प्रगति से सँवार दूँगा बिहार!" इसके बाद से विपक्षी खेमे में हलचल मच गई है। माना जा रहा है कि तेजस्वी यादव अपने नरम राजनीतिक रुख और युवा-नौकरी के नारे को मज़बूत करने के लिए अपनी रणनीति को और धार दे रहे हैं।

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चुनावी संदेश या इमोशनल कार्ड?

तेजस्वी की इस ‘हेलिकॉप्टर मुलाकात’ को कई लोग इमोशनल अपील मान रहे हैं। जहां एक ओर बच्चा मासूमियत से नौकरी और मुख्यमंत्री बनने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर इसे चुनावी संदेश माना जा रहा है कि तेजस्वी अब जनता के बीच रोजगार और भविष्य की उम्मीद लेकर उतर रहे हैं।