रायपुर में आयोजित AI सम्मेलन में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने युवाओं से AI को अवसर के रूप में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो AI सीखेगा और अपनाएगा, वही भविष्य में आगे बढ़ेगा।
रायपुर: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने युवाओं से कहा है कि वे AI (Artificial Intelligence) और नई तकनीकों को खतरे के रूप में नहीं, बल्कि अपने फ्यूचर को बेहतर बनाने के बड़े अवसर के रूप में देखें। वे महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज (MAIC) द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 'Artificial Intelligence & Digital Transformation: Opportunities, Challenges and Future Impact' में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया तेजी से तकनीक, ज्ञान और नवाचार पर आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही है। ऐसे समय में युवाओं के लिए जरूरी है कि वे बदलाव को समझें और उसके साथ कदम मिलाकर चलें। उन्होंने कहा कि भारत का गौरवशाली इतिहास भी शिक्षा, अनुसंधान और नए विचारों की मजबूत नींव पर खड़ा रहा है। यही वजह थी कि भारत करीब 1600 वर्षों तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहा।

एलन मस्क, NVIDIA और Apple से सीखने की जरूरत
ओपी चौधरी ने कहा कि आज दुनिया के सबसे सफल उद्योगपति और उद्यमी वे हैं, जिन्होंने नए विचारों और तकनीक के दम पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने एलन मस्क, NVIDIA और Apple जैसी कंपनियों का उदाहरण देते हुए कहा कि आज कई टेक कंपनियों की वैल्यू कई देशों की पूरी अर्थव्यवस्था से भी ज्यादा हो चुकी है। उनके मुताबिक, जो युवा समय रहते तकनीकी बदलाव को समझ लेंगे, वही आने वाले समय में सबसे ज्यादा आगे बढ़ेंगे।
जो AI अपनाएगा, वही भविष्य का नेतृत्व करेगा- ओपी चौधरी
वित्त मंत्री ने युवाओं को साफ संदेश देते हुए कहा, 'जो AI को अपनाएगा, वही भविष्य का नेतृत्व करेगा। जो इससे दूर भागेगा, वह प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएगा।' उन्होंने कहा कि हर नई तकनीक कुछ चुनौतियां जरूर लेकर आती है, लेकिन उसके साथ नए अवसर भी पैदा होते हैं। इसलिए युवाओं को डरने के बजाय सीखने और आगे बढ़ने पर ध्यान देना चाहिए।
AI बहुत कुछ कर सकता है, लेकिन इंसान की जगह नहीं ले सकता- वित्त मंत्री
AI की बढ़ती ताकत पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि यह तकनीक कई कामों को आसान और तेज बना सकती है, लेकिन इंसानी भावनाओं, संवेदनशीलता और मानवीय स्पर्श का विकल्प कभी नहीं बन सकती। उन्होंने युवाओं को हेल्थकेयर, नर्सिंग और अन्य सेवा क्षेत्रों की ओर भी ध्यान देने की सलाह दी, जहां इंसानी समझ और संवेदनशीलता की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।
सिर्फ नौकरी नहीं, स्टार्टअप बनाने का सपना भी देखें
ओपी चौधरी ने युवाओं से कहा कि वे केवल नौकरी पाने तक खुद को सीमित न रखें। उन्होंने युवाओं को नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति की ओर बढ़ने का संदेश देते हुए कहा कि उन्हें ऐसी कंपनियां बनाने का लक्ष्य रखना चाहिए जो भविष्य में वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकें। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और दुनिया भर में भारतीय प्रोफेशनल्स अपनी क्षमता का लोहा मनवा चुके हैं।
'विकसित भारत 2047' के साथ आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "विकसित भारत @2047" विजन से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ सरकार भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में "छत्तीसगढ़ अंजोर विजन @2047" पर तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत नवा रायपुर को तकनीक और नवाचार के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
नवा रायपुर में बन रहा टेक्नोलॉजी और इनोवेशन हब
वित्त मंत्री के अनुसार, नवा रायपुर में कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है। इनमें सेमीकंडक्टर यूनिट, एआई डेटा सेंटर शामिल हैं। IIIT (Triple IT) में आधुनिक रिसर्च सुविधाएं तकनीक आधारित नई परियोजनाएं भी चल रही हैं। उन्होंने कहा कि ये प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकते हैं।
युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाएंगे ऐसे आयोजन
कार्यक्रम के अंत में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज के प्रबंधन, आयोजकों और सभी प्रतिभागियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मेलन युवाओं को आने वाले समय की चुनौतियों और अवसरों को समझने का मौका देते हैं। साथ ही यह उन्हें भविष्य की जरूरतों के मुताबिक खुद को तैयार करने में भी मदद करते हैं। अपने संबोधन के आखिर में वित्त मंत्री ने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ के युवा तकनीक, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएंगे और राज्य को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे।


