छत्तीसगढ़ में भीषण बारिश के कारण 70 गांव टापू में तब्दील हो गए हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रायपुर से सुकमा और दंतेवाड़ा तक यलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश का तेलंगाना और आंध्रप्रदेश से संपर्क टूट चुका है।

रायपुर. छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिन से भीषण बारिश दौर जारी है। प्रदेश के कई जिलों में इतना पानी बरस रहा है कि बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। लगातार गिर रहे पानी से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आलम यह है कि प्रदेश के 70 गांव टापू बन गए हैं, यानि सड़कें नादिया बन चुकी हैं तो पुल डह गए हैं। वहीं छत्तीसगढ़ का तेलंगाना और आंध्रप्रदेश से संपर्क टूट चुका है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

रायपुर, से सुकमा और दंतेवाड़ा तक यलो अलर्ट

दरअसल, छत्तसीगढ़ के 9 जिलों में बारिश कहर बरपा रही है। जिसमें रायपुर, बस्तर, कांकेर सुकमा, दंतेवाड़ा और जगदलपुर शामिल हैं। वहीं दुर्ग, बालोद, धमतरी, गरियाबंद, कोंडागांव में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर, मोहला-मानपुर, राजनांदगांव और खैरागढ़-छुईखदान में भी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट है।

छत्तीसगढ़ के 70 गांव टापू में तब्दील

बता दें कि सुकमा जिले में बारिश की वजह से मिंटो नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जिसके चलते एनएच-30 पर बनी पुलिया के बह गई। दोनों तरफ लोग आ जा नहीं पा रहे हैं। वहीं मानपुर के खंडगांव और भरीटोला इलाके में पानी ने इस कदर कहर बरवाया कि 70 गांव टापू में तब्दील हो चुके हैं। यहां से ना कोई कहीं जा पा रहा है तो कोई बहार का व्यक्ति इन गांव में जा सकता है। यानि चारों तरफ के रास्ते बंद हो चुके हैं।

स्टूडेंट्स, किसान और कर्मचारी सब में हाहाकार

मानपुर इलाके में लगातार हो रही बारिश ग्रामीणों से लेकर स्टूडेंट्स, किसान, नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी परेशानी है। वह कहीं नहीं जा पा रहे हैं। जो जहां पर वो वहीं पर थमा हुआ है। जगदलपुर में भी पुल के ऊपर से पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। इसके अलावा सुकमा में NH-30 पर बने कई पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है। छोटे-मोटे पुल तो पानी के तेज बहाव में बह गए। वहीं कांकेर से लेकर बस्तर तक बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। इसके अलावा छत्तसीगढ़ से लगने वाली तेलंगाना और आंध्रप्रदेश की सीमा पर भी बाढ़ जैसे हालात हैं। यहां के लोगों का संपर्क टूट गया है।

यह भी पढ़ें-मुंबई में बारिश का कहर, जनजीवन अस्त-व्यस्त, मायानगरी हुई ठप, जानें ताजा हालात