छत्तीसगढ़ PWD ने मार्च तक 100 पुलों को पूरा कर आवागमन के लिए खोलने का लक्ष्य तय किया है। निर्माण कार्यों में तेजी और सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लोक निर्माण विभाग ने निर्माणाधीन पुलों और राष्ट्रीय राजमार्गों के काम को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए काम की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने सेतु परिक्षेत्र और राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के अधिकारियों तथा ठेकेदारों की बैठक लेकर प्रदेशभर में चल रहे और स्वीकृत निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

नवा रायपुर स्थित पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में हुई बैठक में सचिव ने कहा कि बारिश का मौसम खत्म होने के बाद शुरू हुए वर्किंग सीजन का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। निर्माणाधीन कार्यों के साथ-साथ नए स्वीकृत कार्यों को भी तेजी से जमीन पर उतारने की जरूरत है। उन्होंने आगामी मार्च तक 100 पुलों का निर्माण पूरा कर उन्हें आम लोगों के आवागमन के लिए खोलने का लक्ष्य दिया।

PWD Construction: निर्माण स्थलों पर सामग्री और मशीनरी पर्याप्त रखने के निर्देश

सचिव मुकेश कुमार बंसल ने सभी ठेकेदारों को निर्माण स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में निर्माण सामग्री, मशीनरी और मानव संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि काम की गति किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। बैठक में निर्माणाधीन पुलों और राष्ट्रीय राजमार्गों की कार्यवार समीक्षा की गई। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्यस्थलों पर पूरी क्षमता के साथ काम शुरू कराया जाए और जहां विभागीय स्तर पर कोई समस्या है, उसका तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर निर्माण स्थल जल्द से जल्द ठेकेदारों को सौंपे जाएं, ताकि ठेकेदार उपलब्ध संसाधनों के साथ काम को तेजी से आगे बढ़ा सकें।

Chhattisgarh Infrastructure: फील्ड में होगी सख्त मॉनिटरिंग

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फील्ड में चल रहे कार्यों की कड़ाई से मॉनिटरिंग की जाएगी। वे स्वयं भी निर्माण स्थलों का दौरा कर औचक निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित टाइमलाइन और तय मानकों के अनुरूप काम नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य निर्माण कार्यों में देरी रोकने के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।

PWD Works 2026-27: वित्तीय और भौतिक प्रगति पर जोर

बैठक में सचिव बंसल ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की समाप्ति तक निर्माण कार्यों में अच्छी भौतिक और वित्तीय प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्माण पूरा करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि किसी निर्माण कार्य के पूरा होने के बाद दस्तावेजीकरण और अन्य विभागीय प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी न हो। निर्माण कार्य पूरा होते ही दस्तावेजीकरण, जीएसटी, सेटलमेंट और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की जाएं। इसके बाद ठेकेदारों का अंतिम भुगतान कर संबंधित टेंडर को क्लोज करने की प्रक्रिया भी समय पर पूरी करने को कहा गया।

National Highway Projects: भू-अर्जन और वन अनुमति की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश

राष्ट्रीय राजमार्गों के नए कार्यों को जल्द शुरू कराने के लिए सचिव ने जरूरी पूर्व प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने भू-अर्जन, वन व्यपवर्तन, यूटिलिटी शिफ्टिंग और पेड़ों की कटाई से संबंधित कार्रवाई को प्राथमिकता के साथ पूरा करने को कहा। इसके अलावा प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कार्यों की निविदा प्रक्रिया और कार्यादेश की स्थिति की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों से कहा गया कि जिन कार्यों की स्वीकृति मिल चुकी है, उनकी अगली प्रक्रियाओं को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।

अधिकारियों को मुख्यालय छोड़ने से पहले अनुमति लेने के निर्देश

बैठक में कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। सचिव ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बिना संबंधित अधिकारी मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। फील्ड स्तर पर निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी और समस्याओं के तत्काल समाधान पर विशेष जोर दिया गया।

समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एस.के. कोरी और राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री ज्ञानेश्वर कश्यप सहित दोनों परिक्षेत्रों के सभी अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता मौजूद रहे।

बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद विभाग का फोकस अब निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने, समयसीमा में पूरा करने और गुणवत्ता की नियमित निगरानी पर रहेगा। मार्च तक 100 पुलों को आवागमन के लिए खोलने का लक्ष्य इस अभियान का प्रमुख हिस्सा है।