छत्तीसगढ़ विधानसभा में नए प्रेक्षागृह का लोकार्पण हुआ। उत्कृष्ट विधायक और पत्रकार सम्मानित हुए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय मर्यादा पर जोर दिया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा ने अपने गठन के बाद से लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और अनुशासित कार्यशैली के कारण देशभर में अलग पहचान बनाई है। इसी कड़ी में विधानसभा परिसर में बने नवनिर्मित प्रेक्षागृह का लोकार्पण राज्यपाल श्री रमेन डेका ने किया। इस अवसर पर आयोजित उत्कृष्टता अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह नया प्रेक्षागृह विधानसभा की संस्थागत क्षमता को मजबूत करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 1 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण किया था और अब उसी परिसर में आधुनिक प्रेक्षागृह की शुरुआत राज्य के लोकतांत्रिक विकास की एक और बड़ी उपलब्धि है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में उत्कृष्टता अलंकरण समारोह का हुआ आयोजन
लोकतांत्रिक परंपराओं, संसदीय मूल्यों और उत्कृष्ट जनप्रतिनिधित्व को सम्मानित करने के उद्देश्य से विधानसभा परिसर में गरिमामयी समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान राज्यपाल श्री रमेन डेका ने नवनिर्मित प्रेक्षागृह का लोकार्पण किया और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में विधानसभा की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
उत्कृष्ट विधायक और संसदीय पत्रकारों को मिला सम्मान
समारोह में उत्कृष्ट संसदीय कार्य के लिए बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक और अकलतरा विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह को उत्कृष्ट विधायक अलंकरण से सम्मानित किया गया। वहीं संसदीय पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए दैनिक पत्रिका के संवाददाता संतराम साहू को उत्कृष्ट संसदीय पत्रकार अलंकरण प्रदान किया गया। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया श्रेणी में आईबीसी-24 के सौरभ सिंह परिहार और डॉ. राजेश राज को उत्कृष्ट इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रिपोर्टर अलंकरण से सम्मानित किया गया।
राज्यपाल रमेन डेका बोले- विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने अपने संबोधन में कहा कि विधानसभा वह स्थान है, जहां जनप्रतिनिधि जनता के कल्याण के लिए कार्य करते हैं। यही कारण है कि संसदीय सदन को लोकतंत्र का मंदिर कहा जाता है। उन्होंने कहा कि इस मंदिर की गरिमा जनप्रतिनिधियों के आचरण, व्यवहार और विचारों पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा देश की श्रेष्ठ विधानसभाओं में गिनी जाती है। पक्ष और प्रतिपक्ष के बीच सम्मान, समन्वय और स्वस्थ संवाद की परंपरा इसे अन्य विधानसभाओं से अलग पहचान दिलाती है। राज्यपाल ने सम्मानित जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों को बधाई देते हुए प्रदेश के विकास के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों से संवाद, स्वच्छता अभियान और सामाजिक बदलाव से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने की अपील भी की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताई छत्तीसगढ़ विधानसभा की अनोखी परंपरा
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा देश की पहली और एकमात्र ऐसी विधानसभा है, जहां गर्भगृह में किसी विधायक के प्रवेश करते ही वह स्वतः निलंबित माना जाता है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मानुशासन, संसदीय मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति विधानसभा की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। यही विशिष्ट परंपराएं छत्तीसगढ़ विधानसभा को राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान दिलाती हैं।
लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका पर बोले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। संसदीय पत्रकार विधानसभा की कार्यवाही, जनहित के मुद्दों और लोकतांत्रिक विमर्श को निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक तरीके से जनता तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने सम्मानित पत्रकारों को बधाई देते हुए कहा कि जिम्मेदार और निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र को और मजबूत बनाती है।
धरमलाल कौशिक और राघवेंद्र सिंह के संसदीय योगदान की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि धरमलाल कौशिक का सार्वजनिक जीवन लंबे अनुभवों से समृद्ध रहा है। विधानसभा अध्यक्ष सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए उन्होंने संसदीय परंपराओं को मजबूत किया है। उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार विधायक बने राघवेंद्र कुमार सिंह ने सदन में अध्ययनपूर्ण, तथ्य आधारित और प्रभावशाली प्रस्तुतियों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई है। दोनों विधायकों का सम्मान लोकतांत्रिक मूल्यों और उत्कृष्ट संसदीय कार्य का सम्मान है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बताई नई उपलब्धि की अहमियत
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि नए विधानसभा भवन के बाद आधुनिक प्रेक्षागृह का लोकार्पण विधानसभा के विकास का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की छठी विधानसभा अपने कार्यकाल में उत्कृष्ट संसदीय परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए हमेशा याद रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद प्रदेशहित के मुद्दों पर पक्ष और विपक्ष का सकारात्मक संवाद स्वस्थ लोकतंत्र की सबसे बड़ी पहचान है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उत्कृष्टता अलंकरण केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि संसदीय लोकतंत्र की श्रेष्ठ परंपराओं को प्रोत्साहित करने का प्रभावी माध्यम भी है।
अनूप जलोटा के भजनों ने बांधा समां
कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में देश के प्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा ने अपने लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति देकर समारोह को भक्तिमय बना दिया। उनकी मधुर गायकी ने पूरे प्रेक्षागृह में आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण किया और उपस्थित लोगों ने उनकी प्रस्तुति का भरपूर आनंद लिया।
इन प्रमुख हस्तियों की रही मौजूदगी
समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, कई विधायक, विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पत्रकार और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।


