सुकमा में नक्सल पुनर्वास नीति से बड़ा बदलाव दिख रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुनर्वास केंद्र का दौरा कर कौशल विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता की योजनाओं की समीक्षा की। हजारों लोग मुख्यधारा से जुड़कर नया जीवन शुरू कर रहे हैं।

रायपुर। नक्सल हिंसा से लंबे समय तक प्रभावित रहा सुकमा अब शांति, विश्वास और विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुकमा जिला मुख्यालय स्थित पुनर्वास केंद्र का दौरा किया। उन्होंने वहां संचालित पुनर्वास और कौशल विकास गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुनर्वासित लोगों से आत्मीय बातचीत कर उनके अनुभव सुने और उन्हें मुख्यधारा से जुड़कर नया जीवन शुरू करने के लिए शुभकामनाएं दीं।

नक्सल पुनर्वास नीति से बदल रही जिंदगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भटके हुए लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार उन्हें सम्मानजनक जीवन, रोजगार और आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि पुनर्वासित लोगों की आंखों में दिखाई देने वाला आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर कोई भी व्यक्ति नई दिशा में आगे बढ़ सकता है।

सुकमा और बस्तर में सकारात्मक बदलाव के संकेत

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावी नक्सल पुनर्वास नीति के कारण सुकमा सहित पूरे बस्तर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। अब तक 2392 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। इनमें से 361 लोग पुनर्वासित होकर आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ चुके हैं।

कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओर कदम

पुनर्वास केंद्र में राजमिस्त्री, सिलाई, कृषि उद्यमिता और वाहन चालक जैसे विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्ष 2026 में अब तक 307 हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है। वहीं 313 युवाओं को हर महीने 10 हजार रुपये का स्टाइपेंड भी दिया जा रहा है, ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।

डिजिटल सशक्तिकरण और महिलाओं की भागीदारी

जिला प्रशासन द्वारा 107 पुनर्वासित लोगों को मोबाइल फोन दिए गए हैं, जिससे वे डिजिटल दुनिया से जुड़ सकें। खास बात यह है कि 115 महिलाएं भी प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग के जरिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और एक नई मिसाल पेश कर रही हैं।

रोजगार के अवसर और सरकारी नियुक्तियां

नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को राहत देते हुए सरकार ने अनुकंपा नियुक्ति के तहत पुलिस विभाग में 20 और जिला प्रशासन में 95 लोगों को सरकारी नौकरी दी है। कार्यक्रम के दौरान ग्राम ढोंडरा कोंटा की मौसम संजना और नागारास जगरगुंडा के भरत कुमार हेमला सहित कई हितग्राहियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। साथ ही शिक्षा विभाग में 10 नए शिक्षकों को भी नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

हितग्राहियों को आवास, किट और अन्य सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में पुनर्वासित लोगों को मोबाइल फोन, राजमिस्त्री किट, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर की चाबियां और पूर्णता प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर 25 लोगों को आवास की चाबी देकर सम्मानित किया गया।

‘बदलते सुकमा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन

मुख्यमंत्री ने ‘बदलते सुकमा की बदलती तस्वीर: पुनर्वास से विकास तक’ नामक कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। इसके साथ ही उन्होंने पुनर्वास केंद्र के कला केंद्र में कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की और कहा कि यह बदलाव केवल भौतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक परिवर्तन का प्रतीक है।

कार्यक्रम में प्रमुख जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।