दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बीच सीएम रेखा गुप्ता ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राज्य जानबूझकर पराली जलाने देते हैं ताकि दिल्ली की हवा खराब हो सके। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों और ग्रीन एनर्जी को लेकर उठाए जा रहे कदमों की भी जानकारी दी।
नई दिल्ली। दिल्ली की हवा लगातार खराब हो रही है। इस बीच बुधवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राज्य जानबूझकर पराली जलाने की छूट देते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र सरकार और एनसीआर (NCR) के पड़ोसी राज्य मिलकर काम कर रहे हैं। प्रदूषण कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर बात करते हुए सीएम गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार से उन्हें पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा,
आज जब हम प्रदूषण की समस्या पर बात करते हैं, तो हमें केंद्र से मदद मिलती है। एनसीआर के राज्य एक साथ बैठते हैं, एक ही मंच पर चर्चा होती है। आप देख सकते हैं कि हमारे पड़ोसी राज्यों ने पराली जलाने से रोकने के लिए कदम उठाना शुरू कर दिया है। अगर कुछ राज्य कार्रवाई ही नहीं करना चाहते, तो हम ज्यादा कुछ नहीं कर सकते। कभी-कभी मुझे लगता है कि वे जानबूझकर पराली जलाने देते हैं ताकि इसका असर दिल्ली में दिखे। फिर उनके प्रवक्ता यहां बैठकर दावा कर सकें कि प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है।
वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक ठोस रणनीति की जरूरत पर जोर देते हुए सीएम ने बताया कि दिल्ली 360-डिग्री अप्रोच अपना रही है। इसमें क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक गाड़ियां, सौर ऊर्जा और बायोफ्यूल पर खास फोकस है। उन्होंने आगे कहा,
जब हम प्रदूषण जैसी समस्या के समाधान की बात करते हैं, तो हमें समझना होगा कि इसके लिए 360-डिग्री अप्रोच चाहिए। इसका एक बहुत ही असरदार विकल्प क्लीन एनर्जी और क्लीन इलेक्ट्रिक पावर है। अगर हम आज बायोफ्यूल की बात करें, तो प्रदूषण कम करने के लिए हमें ऐसा ट्रांसपोर्ट चाहिए जिससे धुआं न निकले। जब हम बिना धुएं वाले ट्रांसपोर्ट की बात करते हैं, तो हमारा मतलब इलेक्ट्रिक गाड़ियों से होता है। और जब हम इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर काम शुरू करते हैं, तो हमें एहसास होता है कि हमें सौर ऊर्जा और बायोफ्यूल की तरफ भी बढ़ना होगा। दिल्ली इन सभी ऊर्जा स्रोतों पर लगातार काम कर रही है। हमने सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर काम किया है और दिल्ली ने अपनी खुद की ईवी (EV) पॉलिसी भी लागू की है।
इलेक्ट्रिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट के विस्तार पर बात करते हुए सीएम ने कहा कि दिल्ली के पब्लिक ट्रांसपोर्ट बेड़े को पूरी तरह से इलेक्ट्रिक बना दिया गया है। राष्ट्रीय राजधानी का लक्ष्य 2029 तक 14,000 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारने का है। उन्होंने कहा,
आज दिल्ली का पब्लिक ट्रांसपोर्ट बेड़ा 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक हो गया है। 2029 तक दिल्ली में 14,000 बसें होंगी और ये सभी इलेक्ट्रिक होंगी। यह दिल्ली के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी और इससे हमें प्रदूषण की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी।
उन्होंने खुले में कूड़ा जलाने से रोकने और कचरे से ऊर्जा बनाने की पहलों का भी जिक्र किया। इसमें खास तौर पर गोबर का इस्तेमाल करने वाले बायोगैस प्लांट शामिल हैं। CM गुप्ता ने कहा,
इसी तरह, मेरी राय में खुले में कूड़ा जलाना प्रदूषण के सबसे बड़े कारणों में से एक है। इसलिए, बायोफ्यूल एनर्जी की दिशा में काम करते हुए हमने इस समस्या से निपटने के लिए बायोगैस प्लांट लगाए हैं। खास तौर पर गोबर की समस्या, जो दिल्ली के लिए एक बड़ी चुनौती थी। कचरे से ऊर्जा बनाने के समाधान की तरफ बढ़ते हुए, हमने दिल्ली में तीन बड़े बायोगैस प्लांट लगाए हैं। अब हम गोबर को ऊर्जा में बदल रहे हैं। मैं खास तौर पर यह बताना चाहूंगी कि मध्य पूर्व (Middle East) के हालात ने हमें यह एहसास कराया है कि ऊर्जा सुरक्षा हमारी आर्थिक वृद्धि से कितनी गहराई से जुड़ी है। जब दुनिया भर में अचानक ऊर्जा की कमी होती है, तो गंभीर समस्याएं पैदा हो जाती हैं। अगर हम आत्मनिर्भर हैं और अपने ही संसाधनों का इस्तेमाल करके अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी कर सकते हैं, तो हमें दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। दिल्ली इस दिशा में लगातार काम कर रही है। इन सभी पहलों ने प्रदूषण से निपटने में बड़ा योगदान दिया है। दिल्ली बिना धुएं वाले पर्यावरण की दिशा में भी काम कर रही है।
CM रेखा गुप्ता ने आगे बताया कि दिल्ली सरकार प्रदूषण कम करने के लिए अलग-अलग सेक्टर्स में कदम उठा रही है। इसमें पौधारोपण अभियान, धूल कम करना और हरियाली वाले इलाकों को बचाना शामिल है। उन्होंने कहा कि शहर में 70 लाख पौधे लगाए गए हैं और रिज (Ridge) इलाके को जंगल घोषित किया गया है। उन्होंने कहा,
हमने इन सभी मुद्दों को सुलझाने के लिए काम किया है और दिल्ली प्रदूषण कम करने की लगातार कोशिश कर रही है। आप भी इस बात से सहमत होंगे कि पिछले कुछ सालों की तुलना में, जब हवा की गुणवत्ता बहुत खराब हो गई थी, आज स्थिति थोड़ी बेहतर है। लोग थोड़ी राहत महसूस कर सकते हैं। यह इसलिए संभव हो पाया है क्योंकि हम प्रदूषण के सभी कारणों पर काम कर रहे हैं। हमने दिल्ली में 70 लाख पौधे लगाए हैं। हमने रिज इलाके को जंगल घोषित किया है और धूल कम करने के लिए बड़े पैमाने पर कदम उठाए हैं। इन सभी मोर्चों पर लगातार काम करके हम आगे बढ़ रहे हैं। जैसा कि मैंने बताया, हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक ग्रीन एनर्जी, क्लीन एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी है, और हम इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।
इस बीच, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर राज्य में प्रदूषण बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 1,000 के पार पहुंच गया है और इस प्रदूषण का असर दिल्ली पर भी पड़ रहा है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिरसा ने आरोप लगाया कि आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल प्रदूषण के संकट को दिल्ली से पंजाब ले गए हैं। सिरसा ने कहा,
अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के बाद पंजाब में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। जिस तरह उन्होंने दस सालों में प्रदूषण से दिल्ली को बर्बाद किया, अब उन्होंने पंजाब में एक नया इतिहास रच दिया है। बठिंडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 1,100 तक पहुंच गया है, जिससे यह भारत का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। केजरीवाल ने भारत के सबसे प्रदूषित शहर का खिताब दिल्ली से लेकर पंजाब को दे दिया है और अब यह बठिंडा के पास है। यह मैं नहीं कह रहा, आज की न्यूज रिपोर्ट्स इसकी पुष्टि कर रही हैं।
सिरसा ने आगे आरोप लगाया कि पश्चिमी विक्षोभ (western disturbances) के कारण पंजाब का प्रदूषण दिल्ली की तरफ आ सकता है। इससे राष्ट्रीय राजधानी की हवा और खराब हो जाएगी। उन्होंने दोनों राज्यों में प्रदूषण के स्तर के लिए आप सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा,
मैं आम आदमी पार्टी से पूछना चाहता हूं कि अब बर्बाद करने के लिए और क्या बचा था? दिल्ली को बर्बाद करने के बाद, आपने पंजाब को बर्बाद कर दिया। जब पंजाब में एक्यूआई (AQI) 1,000 को पार कर जाता है और पश्चिमी विक्षोभ आता है, तो यह जहरीली हवा स्वाभाविक रूप से दिल्ली की तरफ आएगी और इसे भी तबाह कर देगी। इसलिए, दिल्ली में प्रदूषण का स्तर भी आम आदमी पार्टी की ही देन है। यह उस प्रदूषण से आ रहा है जो उन्होंने पंजाब के अंदर पैदा किया है और जो अब पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली की तरफ बढ़ रहा है।
इस बीच, बुधवार को दिल्ली की सुबह बेहद खतरनाक हवा के साथ हुई। सुबह 7:41 बजे ओवरऑल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 605 पर पहुंच गया। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में प्रदूषण का स्तर लगातार 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज किया गया।






