दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद GRAP का पहला चरण लागू हो गया है। इसे लेकर ट्रैफिक पुलिस ने अंतर-राज्यीय बैठक की है। अब 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बॉर्डर पर सख्ती रहेगी और बिना पीयूसी वाले वाहनों का चालान कटेगा।

नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए गुरुवार को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक अहम अंतर-राज्यीय समन्वय बैठक (inter-state coordination meeting) की। इस मीटिंग में ग्रैप (GRAP) के पहले चरण को सख्ती से लागू करने पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने तय किया है कि दिल्ली के बॉर्डर पर नियमों को न मानने वाली बसों को वापस भेज दिया जाएगा। 1 नवंबर से 31 जनवरी तक गाड़ियों की एंट्री पर खास पाबंदियां रहेंगी। इसके अलावा, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUCC) की चेकिंग तेज होगी और सड़क की धूल व कंस्ट्रक्शन से होने वाले प्रदूषण को रोकने पर जोर दिया जाएगा। सभी एजेंसियों को CAQM की गाइडलाइंस समय पर लागू करने और आपस में तालमेल बेहतर करने के निर्देश दिए गए हैं। गुरुवार को दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि शहर में ग्रैप का पहला चरण लागू हो चुका है।

पत्रकारों से बात करते हुए दिल्ली पुलिस की एडिशनल कमिश्नर (ट्रैफिक) विजयंता गोयल आर्या ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस जाम कम करने के लिए सड़कों पर सही तरीके से जवानों की तैनाती करेगी। प्रदूषण कम करने के लिए आर्या ने बताया कि जिन कमर्शियल गाड़ियों का डेस्टिनेशन दिल्ली नहीं है, उन्हें बॉर्डर से ही डायवर्ट कर दिया जाएगा। जिन गाड़ियों का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका है, उन पर आगे और सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपना वैध पीयूसी (PUCC) सर्टिफिकेट हमेशा साथ रखें।

उन्होंने लोगों से ज्यादा से ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की गुजारिश की, ताकि दिल्ली की हवा सुधर सके और जाम से भी राहत मिले। आर्या ने अपने बयान में कहा,

दिल्ली में ग्रैप का पहला चरण लागू हो गया है। इसके हिसाब से ट्रैफिक पुलिस जाम कम करने के लिए जरूरी कदम उठा रही है। हम जनता से अपील करते हैं कि वे अपना पीयूसी सर्टिफिकेट वैलिड रखें। एक्सपायर सर्टिफिकेट वाले वाहनों पर कार्रवाई चल रही है और इसे और तेज किया जाएगा। बिना डेस्टिनेशन वाले कमर्शियल वाहनों को बॉर्डर से ही मोड़ दिया जाएगा... हम लोगों से यह भी गुजारिश करते हैं कि वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल करें और ट्रैफिक नियमों को मानें, ताकि हम सब मिलकर दिल्ली के पर्यावरण को बेहतर बना सकें और जाम की परेशानी कम कर सकें।

ये सारे कदम तब उठाए गए हैं जब दिल्ली की हवा लगातार खराब हो रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 7 बजे राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 226 दर्ज किया गया, जो 'खराब' (poor) कैटेगरी में आता है।

CPCB के अनुसार, जहांगीरपुरी में AQI 309 और चांदनी चौक में 307 दर्ज किया गया। ये दोनों इलाके 'बेहद खराब' (very poor) श्रेणी में हैं। वहीं, अलीपुर में AQI 273, आनंद विहार में 237, अशोक विहार में 223, बवाना में 275, पटपड़गंज में 298, रोहिणी में 291, वजीरपुर में 253, अक्षरधाम में 237 और आईटीओ (ITO) में 280 दर्ज किया गया। ये सभी इलाके 'खराब' श्रेणी में आते हैं।

CPCB की गाइडलाइंस के मुताबिक, 0 से 50 के बीच का AQI 'अच्छा' माना जाता है। 51 से 100 'संतोषजनक', 101 से 200 'मध्यम', 201 से 300 'खराब', 301 से 400 'बेहद खराब' और 401 से 500 के बीच का AQI 'गंभीर' (severe) माना जाता है।